आपदा से केदार घाटी का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, लेकिन रुद्रप्रयाग में कई उद्यमियों का हौसला अभी भी डिगा नहीं है।
छह करोड़ रुपए की पूंजी निवेश की तैयारी
अकेले रुद्रप्रयाग जिले में ही 35 उद्यमी करीब छह करोड़ रुपए की पूंजी निवेश की तैयारी में है। इसके लिए बैंक भी पैसा देने को तैयार है।
गुरुवार को उद्योग निदेशालय में फिक्की, इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन और राज्य सरकार की कार्यशाला में यह बात सामने आई।
फिक्की और आईएलओ ने इसका आयोजन दो सप्ताह के मास्टर ट्रेनर कार्यक्रम के बाद किया। इसमें प्रदेश के उद्योग विभाग और एनजीओ के करीब साठ प्रतिनिधियों को अपना व्यवसाय शुरू करने और इस व्यवसाय को जमाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।
लोगों को किया जा रहा प्रेरित
आईएलओ के कार्यक्रम अधिकारी आनंदन मेनन के मुताबिक यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अब आपदा प्रभावित जिलों में स्वरोजगार को लेकर लोगों को प्रेरित करने के लिए किया जाएगा।
फिक्की के वरिष्ठ निदेशक बीपी पंत ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अब भी स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर हैं।
जरूरत इन अवसरों की पड़ताल करने की है। उद्योग विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रुद्रप्रयाग में ही आपदा के बाद अब करीब 35 उद्यमियों ने नए उद्योग स्थापित करने की तैयारी की है।
करीब छह करोड़ रुपए का पूंजी निवेश करने को ये तैयार हैं।
बैंकों से हुआ टाईअप
बैंकों से इनका टाईअप हो चुका है और अगले माह तक इन प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। अपर निदेशक उद्योग सुधीर चंद्र नौटियाल के मुताबिक उद्योग विभाग ने आपदा प्रभावित जिलों में व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम करने का फैसला किया है।
अभी तक जो तस्वीर उभर कर सामने आई है उससे यह साफ है कि आपदा से लोगों का हौसला टूटा नहीं है। लोग उठ खड़े होने को तैयार हैं। जिला उद्योग केंद्रों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि इन लोगों को हरसंभव मदद की जाए।
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