मुख्य सचिव द्वारा ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज विभाग के कार्यों की समीक्षा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने निर्देश दिये हैं कि ग्राम पंचायतों में ई-गवर्नेन्स की सुविधा को बढ़ावा देने हेतु कम्प्यूटर डेस्कटाप/लैपटाप आदि उपलब्ध कराते हुए ग्राम पंचायतों को लैस किया जाये। उन्होंने निर्देश दिए कि डा0 राम मनोहर लोहिया समग्र्र ग्रामों के संतृप्तीकरण हेतु वर्ष 2014-15 हेतु चयनित 2098 ग्रामों में से असंतृप्त अवशेष 45 ग्रामों को वर्तमान माह 30 जून तक अवश्य संतृप्त कराना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के तहत वर्षा ऋतु के प्रारम्भ होने से पूर्व ही कम से कम 25 हजार चिन्हित तालाबों की खुदाई श्रमिकों से कराकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सम्भावित सूखे की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए मनरेगा योजना के अन्तर्गत रोजगार मानव दिवसों का सृजन की रूपरेखा तैयार कर कार्यवाही की जाये और कोशिश की जाये कि वर्तमान में उपलब्ध धनराशि में से अधिकाधिक धनराशि सूखाग्रस्त क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित किये जायें।मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने भूमिहर खेतीहर मजूदरों, लद्यु एवं सीमान्त किसानों आदि के लिए खुले स्थान में शौच से निजात दिलाने हेतु निर्धारित लक्ष्य के अनुसार वित्तीय वर्ष 2014-15 हेतु लक्षित 10,90,890 के सापेक्ष 5,15,440 शौचालयों का निर्माण कराये जाने के फलस्वरूप अवशेष शौचालयों का निर्माण प्राथमिकता से पूर्ण कराने हेतु निर्धारित माइलस्टोन के अनुसार कार्य पूर्ण कराया जाये। उन्होंने कहा कि निर्मित शौचालयों का उपयोग सुनिश्चित कराने हेतु प्रदेश के समस्त ग्राम पंचायतो, विकास खण्डों में नुक्कड़ नाटक, वाल पेन्टिंग, संगोष्ठियां, कार्यशालाएं आदि आयोजित कराकर लोगों को जागरूक किया जाये।
श्री रंजन ने कहा कि पी0एम0जी0एस0वाई0 योजना के अन्तर्गत निर्मित प्रदेश की सड़कों की मरम्मत एवं नवीन सड़कों के निर्माण हेतु भारत सरकार से प्राप्त होने वाली धनराशि हेतु निरन्तर अनुरोध सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि डा0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के अन्तर्गत चयनित ग्रामों में सी0सी0 रोड़, नाली निर्माण आदि का प्राथमिकता से निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता केे साथ पूर्ण कराया जाये। उन्होंने कहा कि आगामी 07 जुलाई को लखनऊ में एन0आर0एल0एम0 योजनान्तर्गत लोन मेला का आयोजन कराकर कम से कम 5 हजार समूह को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कराने हेतु सम्बन्धित बैंकों से लोन दिलाया जाये। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि में लोन की वापसी होने पर योजनान्तर्गत 05 प्रतिशत की छूट का लाभ सम्बन्धित समूह को प्राप्त हो।
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री अरुण सिंघल ने बैठक में बताया कि इन्दिरा आवास योजना के अन्तर्गत अच्छी उपलब्धि हुई है और 3,82,263 परिवारों को आवास निर्माण हेतु प्रथम किश्त उपलब्ध करायी जा चुकी है। उन्होंने जिन लाभार्थियों को द्वितीय किश्त दिया जाना शेष है, मुख्य सचिव ने भारत सरकार से धनराशि प्राप्त कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि लोहिया ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत लगभग 96 हजार आवास निर्मित हो गये हैं और 69,122 आवासों में सोलर लाइट तथा पंखा भी लगाये जा चुके हैं। इस योजना में आर्थिक संसाधन की उपलब्धता हेतु 1500 करोड़ रुपये हुडको से ऋण की व्यवस्था बनाई गई है और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 3696 कि0मी0 सड़क निर्मित किये गये हैं।
श्री रंजन ने निर्देश देते हुये कहा कि जो सड़के निर्माणाधीन हैं और कार्य अधूरे हैं, उनका आकलन कर उपलब्ध धनराशि से कार्य पूर्ण कराये जायें, जिससे सड़के पूर्ण होकर आवागमन के लिये सुलभ हो सकें। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एन0आर0एल0एम0) के अंतर्गत 37,396 समूह गठित हो चुके हैं और 29,870 समूहों को रिवान्विंग फण्ड भी उपलब्ध कराया जा चुका है। समूहों के सदस्यों को रोजगार के लिये बैंक से जोड़ा गया है और 8474 समूहों को बैंक से ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना की गतिशीलता हेतु उन्होंने निर्देश दिये कि विकास खण्ड स्तर के समूह फेडरेशन को मजबूत किया जाये। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक संख्या में बैंक से ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु बैंक ऋण मेला का आयोजन कराया जाये। उन्होंने कहा कि योजना की समयबद्ध प्रगति के लिये लक्षित कार्यों को चिन्हित कर माॅनिटरेबिल लक्ष्य बनाये जायें। बैठक में बताया गया कि ग्रामीण पेयजल के अंतर्गत 77,434 हैण्डपम्पों का रिबोर/पुनस्र्थापन कराया जा चुका है तथा 441 पाइप पेयजल योजनायें जन सामान्य के लिये उपयोग में लाई गई। उन्होंने कहा कि आर्सेनिक-गुणता प्रभावित बस्तियों का चिन्हीकरण कर उपलब्ध बजट के अनुसार प्राथमिकता के अनुरूप आच्छादन किया जाये। मुख्य सचिव ने विधायक निधि के कार्यों के सम्पादन की सुनिश्चितता के लिये वेबसाइट बनाने के भी निर्देश दिये।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आनन्द मिश्रा, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री अरूण सिंघल, प्रमुख सचिव पंचायतीराज विभाग श्री चंचल कुमार तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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