
lucknow | विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र इलेक्ट्रिसिटी (अमेण्डमेंट) बिल 2014 एवं निजीकरण के विरोध में 14 मार्च को लखनऊ में बिजली कर्मचारियों की विशाल रैली करेगी। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी बिल पारित करने की एकतरफा कोशिश हुई तो प्रदेश के तमाम बिजली कर्मचारी और इंजीनियर विरोध स्वरुप उसी दिन से कार्य बहिष्कार शुरू कर देंगे। समिति के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया। स
समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि प्रदेश सरकार और पाॅवर कारपोरेशन प्रबन्धन को नोटिस भेज कर 14 मार्च को लखनऊ में विशाल रैली करने और इलेक्ट्रिसिटी बिल 2014 के विरोध में हड़ताल करने की सूचना दे दी गई है। शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि 14 मार्च को प्रातः 11ः00 बजे हाईडिल फील्ड हाॅस्टल, लखनऊ से रैली प्रारम्भ होकर शक्ति भवन, मुख्यालय तक जायेगी, जहां पर रैली विरोध सभा में तब्दील हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस जनविरोधी बिल का पुरजोर विरोध किया जाएगा। जिस दिन बिल सदन में रखा जायेगा उसी दिन विरोध स्वरुप प्रदेश भर के बिजली कर्मी एक दिन का कार्य बहिष्कार करेंगे। शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी बिल में बिजली वितरण और आपूर्ति के लाइसेंस अलग अलग करने तथा एक ही क्षेत्र में कई विद्युत् आपूर्ति कम्पनियां बनाने का प्राविधान है। बिल के अनुसार सरकारी कंपनी को सबको बिजली देने की अनिवार्यता होगी, जबकि निजी कंपनियों पर ऐसा कोई बंधन नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि निजी घरानों पर अति निर्भरता की गलत ऊर्जा नीति का ही नतीजा है कि उप्र की बिजली वितरण कंपनियों का कुल घाटा 77 हजार करोड़ रु से अधिक हो गया है।
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