लखनऊ । भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में आज उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, भाजपा संगठन और यूपी सरकार की समन्वय बैठक हुई। इसमें चुनावी तैयारी, सरकार का कामकाज, मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा, विपक्षी चुनौती और हिंदुत्व के अलावा कई सामयिक मुद्दों पर महामंथन हुआ। यूपी में बेलगाम नौकरशाही, गंगा सफाई मुद्दे पर उदासीनता, पुलिस से न्याय नहीं मिलना, अफसरों की गलत कार्यशैली, चेकिंग के नाम पर वसूली जैसे मसलों पर कार्यकर्ताओं ने जमकर भड़ास निकाली।
बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने उद्बोधन की शुरुआत जनसंघ की यात्रा से की। 1925 से शुरू हुई इस वैचारिक यात्रा में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों से शुरू होकर आज की भाजपा की उपलब्धियां गिनाने में शाह भावुक हो गए। उन्होंने आपातकाल की तानाशाही की याद दिलाते हुए 2004 से 2014 तक यूपीए सरकार का जिक्र किया। शाह ने कहा कि यूपीए सरकार ने हिन्दू समाज को दबाया। उन्होंने 2014 के बाद भाजपा को मिले जनता के बेपनाह प्यार और मणिपुर व त्रिपुरा तक 19 राज्यों में अपनी सरकार बनाने का जिक्र किया। अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियां गिनाई। कहा, आप खुद सोचें कि यह देश किधर जा रहा था और मोदी इसे किस ओर ले जा रहे हैं। शाह के उद्बोधन का भी निष्कर्ष यही था कि 2019 में मोदी की सरकार बननी जरूरी है। उन्होंने सबसे समर्पित भाव से एकजुट होने को कहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और बसपा के पिछले 15 वर्षों के शासन की याद दिलाई। कहा, उप्र अराजकता की भेंट चढ़ गया था। लोग घरों से निकलने में डरते थे और गरीबों की जमीनों पर गुंडों के कब्जे थे। योगी ने कहा कि जबसे हमारी सरकार आयी गुंडे या तो जेल में हैं, या पुलिस मुठभेड़ में मारे गये या फिर उप्र छोड़ दिये हैं। उन्होंने किसानों की कर्जमाफी से लेकर धर्मस्थलों के विकास और प्रदेश में अमन-चैन का जिक्र किया। योगी ने संभावित गठबंधन की भी चुटकी ली।
आज लखनऊ के आनन्दी वाटर पार्क में समन्वय बैठक में उद्घाटन से लेकर समापन तक चार सत्रों में संपन्न हुई। बैठक में आरएसएस के 37 अनुषांगिक संगठनों के अलावा छह प्रांतों की टोली, भाजपा पदाधिकारी और सरकार के प्रतिनिधि शामिल हुए। मंच पर आरएसएस के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और कृष्णगोपाल के अलावा पूर्वी क्षेत्र के संघचालक वीरेंद्र पराक्रमादित्य तथा पश्चिम क्षेत्र के संघचालक सूर्य प्रकाश टोंक बैठे थे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल, सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, राष्ट्रीय महामंत्री भूपेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, मुख्यमंत्री योगी आदित्यथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा समेत प्रमुख लोग सामने बैठे थे। भाजपा के सभी प्रदेश महामंत्री, क्षेत्रीय अध्यक्ष और संगठन मंत्री भी आमंत्रित थे। बैठक 11 बजे से करीब साढ़े पांच बजे तक चली।
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