ऊर्जा मंत्री ने विद्युत उपभोक्ता पहचान व समाधान पखवाड़ा अभियान की लॉन्चिंग की


सभी विद्युत उपकेंद्रों पर 01 से 15 फरवरी तक सुबह 8ः00 बजे से रात 8ः00 बजे तक यह अभियान कैंप लगाकर चलाया जाएगा

ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं से इस व्यवस्था का हिस्सा बनने और अपना संपर्क नंबर व ईमेल आईडी देकर विद्युत व्यवस्था को और बेहतर बनाने में सहयोग प्रदान करने की अपील की

लखनऊ | प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए0के0 शर्मा ने टेक्नोलॉजी का उपयोग कर विद्युत उपभोक्ताओं को टेलीकॉम कंपनियों की तरह बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए प्रत्येक उपभोक्ता का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी प्राप्त करने तथा इसे विभागीय सिस्टम में अपलोड कर व्यवस्थित रूप से संचालित करने को कहा, जिससे कि उपभोक्ताओं को समय पर विद्युत संबंधी कोई भी जानकारी दी जा सके और उनकी किसी भी समस्या के समाधान के लिए सीधे उनसे वार्ता किया जा सके। इस व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए उन्होंने आज शक्ति भवन में विद्युत उपभोक्ता पहचान व समाधान पखवाड़ा अभियान की लॉन्चिंग की। यह अभियान पूरे प्रदेश के सभी विद्युत उपकेंद्रों पर 01 फरवरी से 15 फरवरी 2023 तक सुबह 8ः00 बजे से रात 8ः00 बजे तक कैंप लगाकर चलाया जाएगा। इस दौरान विद्युत कर्मी प्रत्येक गांव मोहल्ले में भी जाकर उपभोक्ताओं से मिलकर उनका सही मोबाइल नंबर प्राप्त करेंगे। ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि सभी उपभोक्ता विभाग की इस व्यवस्था का हिस्सा बने और अपना सही संपर्क नंबर व ईमेल आईडी देकर विद्युत व्यवस्था को और बेहतर बनाने में सहयोग प्रदान करें।
ऊर्जा मंत्री श्री ए0के0 शर्मा ने आज ‘नो योर कस्टुमर’ केवाईसी अभियान की लांचिंग करते हुए कहा कि प्रदेश की लगभग 25 करोड़ आबादी में 05 करोड़ परिवार हैं, जिसमें 20 प्रतिशत कमर्शियल उपभोक्ता है। इस दृष्टि से हमारे प्रदेश में मात्र 3.25 करोड़ उपभोक्ता होना पर्याप्त नहीं, बल्कि यह आंकड़ा 06 से 07 करोड उपभोक्ताओ का होना चाहिए। प्रदेश सरकार चाहती है कि जो भी परिवार विद्युत् का उपयोग कर रहा है और उपभोक्ता नहीं है। वह भी अभियान के दौरान नियमपूर्वक विद्युत उपभोक्ता बन जाए। अभियान के दौरान डेढ़ करोड़ परिवारों को बनाया जायेगा उपभोक्ता। साथ ही जो भी वर्तमान में उपभोक्ता है या आगे बनेंगे उन सभी का संपर्क नंबर विभाग के पास हों, इसके प्रयास हों। अभी मात्र 30 से 35 प्रतिशत उपभोक्ताओं का ही संपर्क नंबर उपलब्ध हो पाया है। इससे उपभोक्ताओं से संपर्क करने में समस्या होती है। विद्युत उपभोक्ताओं को समय पर विद्युत् सम्बंधी सन्देश भेजने के लिए उनका संपर्क नंबर, ईमेल आईडी होना बहुत आवश्यक है। इससे उन्हें बिल न जमा होने, विद्युत बाधित होने, बिजली कटने, बिल की जानकारी देने, डिस्कनेक्शन, शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने तथा बिल भुगतान में सुविधा होगी। साथ ही विभाग और उपभोक्ताओं के बीच सीधे वार्ता भी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता निकटतम विभागीय कार्यालय पर जाकर अपनी जानकारी दे सकते हैं या उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की वेबसाइट www.upenergy.in पर ऑनलाइन जाकर अपनी जानकारी अपडेट करा सकते हैं।
श्री ए0के0 शर्मा ने बिलिंग, राजस्व वसूली, विद्युत चोरी, लाइन लॉस, रीवैम्प योजना के संबंध में भी बैठक की। इस दौरान उन्होंने 10 माह से बिलिंग एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली में सुधार न होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने डीजी विजिलेंस को निर्देश दिया कि विभागीय अधिकारियों और बिलिंग एजेंसियों द्वारा कार्यों में बार-बार लापरवाही और गलतियां करने पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाए। कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। समझाने-सिखाने का समय खत्म हुआ, अब कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि 01 फरवरी से सभी जिलों में ज्यादा लाइन लॉस वाले फीडर चिन्हित कर उन क्षेत्रों में बिजली चोरी रोकने के लिए सख्त रेड अभियान चलाया जाए। अभी तक जहां पर बिजली चोरी के खिलाफ रेड नहीं डाली गई ऐसे स्थानों को चिन्हित कर वहां रेड डाली जाए। रेड सिर्फ खानापूर्ति के लिए नहीं बल्कि इसका धरातल पर असर भी होना चाहिए। उन्होंने एमडी पावर कारपोरेशन को केवाईसी व समाधान पखवाड़ा अभियान की प्रगति संबंधी दैनिक रिपोर्ट मंगाने के भी निर्देश दिए।

पावर कारपोरेशन के चेयरमैन श्री एम0 देवराज ने कहा कि सभी अधिकारियों और बिलिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों को अपने कार्यों में सुधार पर विशेष ध्यान दें। करार के अनुरूप कार्य न होने पर कम्पनियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। फर्जी बिल बनाये जाने पर तत्काल रोक लगायें। रिवैम्प योजना को हरहाल में समय से पूरा करें। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं को सही बिल, समय पर बिल देने को कहा। बड़ी विद्युत चोरियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही राजस्व वसूली पर भी ध्यान दें। समय से उपभोक्ताओं से बिल की वसूली करें। प्रत्येक महीने के शुरूआत में ही उपभोक्ताओं को बिल प्राप्त हो जाए, इसकी चिंता करें। बिल प्राप्त करने के लिए गांव-मोहल्लों में शिविर लगायें। उपभोक्ताओं को पार्ट पेमेंट की भी सहूलियत दें। 70 लाख उपभोक्ता अपना बिल नहीं दे रहे उनसे भी सम्पर्क करें। कनेक्शन देने के लिए अभियान चालाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1297 फीडर लाइन लॉस वाले हैं, जहां पर बिजली चोरी रोकी जाए। उन्होंने कहा कि आने वाली गर्मी में उपभोक्ताओं को दिक्कत न हो इसके लिए बिजनेस प्लान में जो भी कार्य हों उसे अभी पूरा कर लें। साथ ही ट्रांसफार्मर का लोड व तेल निरन्तर चेक करें। जर्जर तार व खम्भों को ठीक करें।


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