बुन्देलखण्ड क्षेत्र से किसानों के उत्पीड़न की शिकायत पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी—- प्रवीर कुमार


kkjiuyh
लखनऊ:  उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं कार्यवाहक मुख्य सचिव श्री प्रवीर कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये हैं कि यदि बुन्देलखण्ड क्षेत्र से किसानों के उत्पीड़न की शिकायत किसी भी स्तर पर प्राप्त होती है तो कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी अधिक सजग रहें और सुनिश्चित करें कि किसानों का कतई उत्पीड़न न हो। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड की भौगोलिक स्थिति प्रदेश के अन्य क्षेत्रों से भिन्न है। यहां पानी की समस्या अधिक है, किसानों के लिए कृृषि कार्य एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्य मंत्री जी बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए अधिक चिन्तित एवं संवेदनशील हैं। सम्भावित सूखे की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुये विभागीय अधिकारियों की एक बैठक की गई है जैसे ही सभी जिलों से क्राप कटिंग के आंकड़े प्राप्त हो जायेंगे तो शीघ्र ही कोई निर्णय लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि मा0 मुख्यमंत्री जी ने बुन्देलखण्ड से ही रबी गोष्ठी के आयोजन प्रारम्भ करने के निर्देश दिये हैं।
उत्तर प्रदेश के कृृृषि उत्पादन आयुक्त एवं कार्यवाहक मुख्य सचिव श्री प्रवीर कुमार आज झांसी में झांसी एवं चित्रकूट धाम मण्डल की मण्डलीय रबी उत्पादकता गोष्ठी-2015 को सम्बोधित कर रहे थे। यह मण्डलीय रबी उत्पादक गोष्ठी महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के प्रशासनिक भवन के आडिटोरियम में आयोजित की गई थी। उन्होंने गोष्ठी से पूर्व कृषि प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारम्भ किया तथा विभिन्न विभागों के स्टाल का निरीक्षण कर योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि समस्त जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी आगामी 3 या 04 दिन में मनरेगा अन्तर्गत अधिक से अधिक कार्य प्रारम्भ कराकर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि यदि किसान उद्यान विभाग की पोषण वाटिक योजना को अपनायें तो उन्हें अधिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि किसान इस योजना से अधिक से अधिक उद्यान लगाकर नियमानुसार अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।  उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी अतिरिक्त आय को बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग द्वारा पुराने बेरी के पेड़ को कटिंग कर नई प्रजाति के बेर के पेड़ों का उत्पादन कर सकते हैं। उन्होंने फूलों की खेती एवं सब्जी उत्पादन के लिए क्षेत्र के किसानों को जागरूक कराने के निर्देश दिये हैं।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई के सीमित साधनों को दृष्टिगत रखते हुए सम्बन्धित जिलाधिकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुनिश्चित करायें कि रोस्टर के अनुसार नहर से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हों ताकि किसान उपलब्ध पानी के अनुसार फसल का चयन कर उत्पादन कर सकें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में वर्तमान में चारे की कोई कमी नहीं है और समस्त जनपदों में बीज उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है। यदि कोई समस्या हो तो तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचित कर समाधान सुनिश्चित करायें।
प्रमुख सचिव सहकारिता श्री किशन सिंह अटोरिया ने कहा कि उर्वरक पर्याप्त मात्रा में हैं। उन्होंने क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों को पुनः सुधारने के निर्देश देते हुए कहा कि मरम्मत हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि प्रत्येक जनपद में संवेदना समिति का गठन कर आपदा से पीडि़त किसानों से सम्पर्क उनको आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जाये। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रीकरण योजना के अन्तर्गत प्रदेश में कृषि यंत्रों के वितरण का लक्ष्य बढ़ाकर अधिक से अधिक पात्र किसानों को लाभान्वित कराने के निर्देश दिये गये हैं।
गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिक डा0 वी0के0 सिंह, मण्डलायुक्त झंासी श्री के0राम मोहन राव एवं मण्डलायुक्त चित्रकूट धाम श्री वेंकटेश्वर लू सहित अन्य अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त कर किसानों को योजनाओं की जानकारी दी।

Scroll To Top
Translate »