ग्राम चैकीदारों के रिक्त 8,117 पदों पर नियमानुसार भर्ती की कार्यवाही के निर्देश


प्रदेश के 18 जोनों में 18 विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के भवनों का निर्माण 
यथाशीघ्र कराने के निर्देश दिये: आलोक रंजन 
mail.google.comलखनऊ |  प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने निर्देश दिये हैं कि ग्राम चैकीदारों के रिक्त 8,117 पदों पर नियमानुसार भर्ती की कार्यवाही यथाशीघ्र सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने गृह विभाग के कार्यों की प्रशंसा करते हुये कहा कि आगामी पंचायत चुनाव में पुलिस कर्मी एवं पुलिस अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन और अधिक पूर्ण तन्मयता के साथ संपादित कर चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करायें। उन्होंने प्रदेश के 18 जोनों में 18 विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के भवनों का निर्माण यथाशीघ्र कराने हेतु उपयुक्त जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गाजि़याबाद एवं कन्नौज में विधि विज्ञान प्रयोगशाला हेतु आवश्यक निर्गत धनराशि का उपयोग पारदर्शिता के साथ कराकर निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों को पूर्ण कराया जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 06 जनपदों में अत्याधुनिक पुलिस कण्ट्रोल रूम के स्थापना के क्रम में 04 जनपदों-कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद व गाजि़याबाद में अत्याधुनिक पुलिस कण्ट्रोल रूम क्रियाशील हो जाने के फलस्वरूप अवशेष जनपद वाराणसी एवं आगरा में भी अत्याधुनिक पुलिस कण्ट्रोल रूम क्रियाशील कराया जाये।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में गृह विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आपराधिक घटनाओं में त्वरित कार्यवाही के उद्देश्य से पुलिस को दी जाने वाली जनसाधारण द्वारा डायल 100 की सेवा प्रदेश के समस्त जनपदों में आगामी 01 मार्च में प्रारम्भ करा दी जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपनिरीक्षकों एवं आरक्षी के पदों पर चयनित पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिलाने का कार्य यथाशीघ्र प्रारम्भ कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ करायी जाये।
श्री रंजन ने पुलिस विभाग के लिये बनाये जाने वाले आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में वर्तमान में 1674 निर्माण कार्यों को निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ कराने हेतु 1334 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है।
बैठक में बताया गया कि पुलिस विभाग के उपनिरीक्षक/निरीक्षक स्तर के 23,282 अधिकारियों को सी0यू0जी0 सिम की व्यवस्था की जा रही है। इससे थानों में कार्यरत सभी उपनिरीक्षकों तथा पुलिस विभाग की विभिन्न इकाइयों में कार्यरत उक्त अधिकारियों को सी0यू0जी0 सिम उपलब्ध होने से विवेचना कार्यों में जहां तेजी आयेगी, वहीं परस्पर संपर्क में भी सुविधा रहेगी।
बैठक में बताया गया कि पुलिस के 18 परिक्षेत्र स्तर पर आधुनिक फारेन्सिक लैब की स्थापना की जा रही है, जिसमें डी0एन0ए0, फिंगर प्रिंट, लाइव डिटेक्शन, फारेन्सिक इंजीनियरिंग आदि की व्यवस्था रहेगी।
मुख्य सचिव ने यातायात निदेशालय द्वारा चलायी जा रही एकीकृत यातायात प्रबंधन की समीक्षा करते हुये तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 12 जनपदों में एकीकृत यातायात प्रबंधन योजना को लागू करने हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष हेतु शासन द्वारा 50 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गयी है। इसके तहत चिन्हित मुख्य महानगरों में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ किये जाने के उद्देश्य से आधुनिक यातायात संकेतकों एवं सड़क सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था की जायेगी तथा उनमें सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगाकर नियंत्रण कक्ष से जोड़ा जायेगा। इसके अलावा स्मार्ट सिटी सर्विलांस सिस्टम की स्थापना के लिये वर्तमान सरकार द्वारा बजट में 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है, जिसमें अब तक हुई प्रगति की मुख्य सचिव द्वारा समीक्षा की गयी।
बैठक में बताया गया कि इस सम्बन्ध में यू0पी0इलेक्ट्राॅनिक कार्पोरेशन द्वारा कंसल्टेंट नियुक्त करने की कार्यवाही चल रही है। इस योजना के तहत लखनऊ में एक यातायात परीक्षण एवं सड़क सुरक्षा अनुसंधान संस्थान की स्थापना की जानी है।
मुख्य सचिव ने प्रदेशव्यापी डायल 100 सेवा की स्थापना हेतु अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करते हुये कहा कि योजना के लिये राज्य सरकार द्वारा 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिसके अन्तर्गत आपराधिक घटनाओं की सूचना फोन पर पुलिस को दिये जाने पर तत्परता से पुलिस द्वारा कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
मुख्य सचिव ने ग्राम चैकीदारों के रिक्त पदों को भी नियमानुसार शीघ्र भरे जाने के निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में चैकीदारों के सृजित पदों की संख्या 69,163 है, जिसके सापेक्ष 8117 पद रिक्त हैं। बैठक में बताया गया कि सी0सी0टी0एन0एस0 योजना के तहत भारत सरकार द्वारा 84.86 करोड़ रुपये की धनराशि अब तक अवमुक्त की गयी है, जिसके सापेक्ष 59.30 करोड़ रुपये की धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को प्रेषित किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने अवशेष धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को शीघ्र भेजने के निर्देश दिये हैं।
मुख्य सचिव ने भारत सरकार के सहयोग से संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे आई0डी0पी0 योजना, सी0सी0टी0एन0एस0 योजना, पुलिस आधुनिकीकरण योजना तथा 13वें वित्त आयोग से जुड़ी योजनाओं में अब तक हुई कार्यवाही एवं प्रगति की समीक्षा करते हुये योजनाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिये।
बैठक में प्रमुख सचिव गृह श्री देवाशीष पाण्डा, सचिव गृह श्री कमल सक्सेना, सचिव वित्त श्रीमती कामिनी रतन चैहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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