प्रदेश में 35 हजार से अधिक तालाबों की खुदाई का कार्य कराकर जल संचय के कार्य प्राथमिकता से प्रारम्भ: मुख्य सचिव


प्रदेशवासियों को अपने मकानों में जल संचय करने हेतु रेन
 वाटर हार्वेस्टिंग के लिए जागरूक किया जाये
777777gtrलखनऊ:  उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने कहा कि ‘‘मुख्यमंत्री जल बचाव योजना’’ के अन्तर्गत प्रदेश में 35 हजार से अधिक तालाबों की खुदाई का कार्य प्रारम्भ कराकर जल संचय के कार्य प्राथमिकता से कराये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों को जल की उपलब्धता के अनुसार अधिक पैदावार देने वाले फसले को बोने हेतु प्रेरित किया जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को अपने मकानों में जल संचय करने हेतु रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए जागरूक किया जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के राजस्व अभिलेखों में दर्ज तालाबों एवं पोखरों की खुदाई कराने के अभियान में आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि जल बचाव अभियान में आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित कर जन आन्दोलन का रूप धारण करने की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव आज इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में भू-जल सप्ताह के शुभारम्भ के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 160 से अधिक विकास खण्ड डार्क हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी द्वारा जल का मूल्य समझकर जल की बचत करने के सार्थक प्रयास सुनिश्चित किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भू-जल संरक्षण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं के कार्यक्रमों में से है। उन्होंने कहा कि जल बचाव अभियान में जब तक आम आदमी की भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी तब तक यह अभियान सफल नहीं हो सकता। समारोह में विभाग द्वारा प्रकाशित पत्रिका का भी विमोचन किया गया।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे  मंत्री लद्यु सिंचाई एंव भू-गर्भ जल श्री राजकिशोर सिंह एवं विशिष्ट अतिथि कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आनन्द मिश्रा, सलाहकार लद्यु सिंचाई श्री सतीश दीक्षित एवं उपाध्यक्ष, दिलाशा जन विकास प्रतिष्ठान सुश्री वैशाली जे0 खादिलकर मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किये।

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