महिलाओ को सशक्त बनना है तो कानून जानना जरुरी – श्रीमती अपर्णा यादव


 
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लखनऊ। सामाजिक संस्था बी-अवेयर फाउंडेशन, ऑक्सफेम, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 आदि के तत्वावधान में बेहतर दुनिया बनाने में महिलाओं के योगदान को पहचान दिलाने की राजस्तरीय मुहीम के तहत आज प्रातः 8 बजे #WALAK4EQUALITY# नामक जागरूकता पैदल मार्च 1090 चौराहे से लोहिया पार्क गोमती नगर तक निकाला गया। इस मुहीम में बच्चे, बूढ़े, नौजवानन हर उम्र के पुरुष एवं महिलाएं शामिल हुए। मार्च के दौरान “क्यों ये फर्क, महिलाओं को है बराबर का हक़” नारा आसमान में गूंज रहा था। मार्च समाप्त होने के उपरांत लोहिया पार्क में सभी लोग एकत्रित हुए जहाँ पर बुद्धजीवियों ने अपने- अपने विचार व्यक्त किये।
इस पैदल मार्च में बी-अवेयर फाउंडेशन की संरक्षिका श्रीमती अपर्णा यादव ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हम गाँधीवादी विचारधारा के लोग है।हम सबमें गांधी बसते है। आजादी के बाद महिलाओं के सम्मान के प्रति गांधी जी ने जो सपना देखा था, उस सपने को हमें ही साकार करना होगा। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण इक्क्सवीं सदी का सबसे ज्वलंत मुद्दा है इसलिए इस मुद्दे पर हमें गंभीरता से चिंतन करना होगा। महिला सशक्तिकरण के नाम पर चार कदम पैदल चल लिया सिर्फ यही हमारा उद्देश्य नही होना चाहिए बल्कि यह मुहीम एक विचार के रूम में हर भारतवासी के मन में घर कर जानी चाहिए, जिसके लिए हम सबको अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।
श्रीमती यादव ने एक और महत्वपूर्ण बिंदु पर ध्यान आकृष्ठ कराते हुए महिलाओं के लिए बने कानून “क्रिमिनल एमेंडमेंट एक्ट 2013” का जिक्र किया। और उन्होंने ने संदर्भित पुस्तक को सभी से पढने की सलाह भी दिया।

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