सौ साल जीने की तमन्ना: गोपाल दास नीरज


 

ishi2-1451921742लखनऊ. सोमवार को उन्होंने अपने जीवन के 92वां बसंत पूरा किया लेकिन उनकी चाहत है कि वे जीवन के सौ साल यूं ही मुस्कुराते हुए पूरे करें। कवि गोपाल दास नीरज के जन्मदिन के मौके पर सोमवार को एक आयोजन संस्कृति विभाग और हेल्प यू एजुकेशनल एवं चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया गया। इस मौके पर नीरज को उनकी ही नज्मों से बधाई दी गई साथ ही उनके जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का लोकार्पण कर उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को दिखाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सिंगर विवेक प्रकाश के ‘फूलों के रंग से, दिल की कलम से तुमको लिखी रोज पाती…’ और मिथिलेश लखनवी ने ‘बस यही अपराध मैं हर बार करता हूं…’ गीत से हुई। उन्होंने इन गीतों के जरिए उन्हें बधाई दी। इसके बाद उनके जीवन पर निर्माता निर्देशक सीमा कपूर की बनाई डॉक्यूमेंट्री ‘दिल की कलम से’ का लोकार्पण हुआ। जिसके जरिए उनके जीवन से जुड़े पहलुओं और संघर्षों को दिखाया गया। इसमें उनके जन्म से लेकर अब तक के साहित्यिक सफर को भी बखूबी दिखाया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने नीरज के स्वस्थ रहने की कामना की। उन्होंने कहा कि इटावा ने इस देश को कई साहित्यकार दिए हैं।

राज्यसभा के सांसद आर के सिन्हा ने कहा कि नीरज को रोमांटिक कवि और फिल्मी गीतकार बताया जाना, उन्हें कमतर आंकने की कोशिश है। वे सौन्दर्य और आध्यात्म के कवि हैं। उन्होंने भोगे हुए सत्य को अपनी कविताओं में व्यक्त किया है। उनकी रचनाओं में कुछ भी ऐसा नहीं है, जो काल्पनिक हो। उनकी विशेषता यह है कि वे सहज, सरल रूप में अपनी बात कहते हैं।

neerajइशिता मिश्रा की नॉवेल हुई रिलीज
युवा लेखक इशिता मिश्रा की बुक ‘हाउ कुड आई नॉट सी हिम’ का नीरज ने रिलीज की। इशिता ने बताया कि यह एक रोमांटिक फिक्शन है। जिसमें तीन दोस्तों आरव, आन्या और युवराज की कहानी है। जहां एक ड्रीम को चूज करने के बाद आन्या की लाइफ में एक हैप्पी इंडिंग होती है। जहां वह दोस्त और प्यार को अलग-अलग समझ पाती है।

 

 


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