
लखनऊ,। राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता अनिल दुबे ने उ0प्र0 के विभिन्न जनपदों में आयी भीषण बाढ़ पर गम्भीर चिंता व्यक्त करते हुये कहा है कि प्रदेश के दो दर्जन से अधिक जनपदों में बाढ से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है लाखों लोग बेघर हो गये हैं। गांव के गांव जलमग्न हो गये हैं लोग भूख और प्यास से तड़प रहे हैं पशुओं को चारे का अकाल पड़ गया है लेकिन सरकार राहत कार्य करने के बजाय सिर्फ कागजों पर खानापूर्ति कर रही है और बाढ़ पीडितों को भगवान के भरोसे छोड़ दिया है।
रालोद नेताओं ने आगे कहा कि प्रदेश के गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर, गाजीपुर, बाराबंकी, मिर्जापुर, सोनभद्र, लखीमपुर सहित कई जनपदों में तबाही का मंजर छाया हुआ है और यह प्रतिवर्ष बरसात में होता चला आ रहा है इसके बावजूद भी शासन और प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किये और न ही राहत कार्य किये जा रहे हैं। शासन और प्रषासन के अधिकारी कोरी बयान बाजी पर उतारू हैं और राहत के नाम पर कुछ भी नहीं हो रहा है सरकार बाढ़ पीड़ितों को युद्वस्तर पर मदद पहुंचाने का काम शुरू करना चाहिए जिससे लोगो को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के जनपदों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से गांव के गांव तबाह हो गये और आवागमन में लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बलिया, गाजीपुर, वाराणसी और चंदौली में बाढ़ का पानी घटने की बजाय बढ़ रहा है और गंगा का पानी खतरे के निशान से करीब 3 मीटर उपर बह रहा है लेकिन सरकारी महकमें के लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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