
लखनऊ । गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के एक रिटायर्ड कर्मचारी ने प्रमुख सचिव आवास को पत्र लिखकर जीडीए द्वारा उसका उत्पीड़न किए जाने की शिकायत की है । महेन्द्र पाल शर्मा नामक इस कर्मचारी का कहना है कि जीडीए उसके साथ सौतेला व्यवहार कर रहा उसे आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहा है ।
प्रमुख सचिव आवास को भेजें गये पत्र में महेन्द्र पाल शर्मा ने कहा कि वह जीडीए मे वक सुपरवाइजर के रूप में 41, साल तक सेवा करने के बाद सितम्बर 2017, मे रिटायर् हुए थे ।आडिट आपत्ति संख्या 219/2017—18 को आधार बनाकर अभी तक उनकी पेंशन, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश का नगदीकरण का निधारण नहीं किया गया है । इतना ही नहीं उनके छठे व सातवें वेतन आयोग का भी निर्धारण नहीं किया गया है । जिससे वह और उनका परिवार भुखमरी की कगार पर है ।
इतना ही नहीं न्यायालय में एक रिट भी दाखिल की गई थी उसके आदेशों का भी जीडीए इस सम्बन्ध में अनुपालन नहीं कर रहा है ।
श्री शर्मा का कहना है कि उनके मामले को सुनने के लिए एक कमेटी का गठन कर सुनवाई की जाये ।
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