मध्यांचल के कस्टमर केयर में हंगामा, संविदा कर्मचारियों ने जमकर बवाल काटा


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लखनऊ, । राजधानी के कैसरबाग इलाके में स्थित मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) के कस्टमर केयर में कार्यरत महिला/पुरुष संविदा कर्मचारियों ने शुक्रवार सुबह काम बंद कर जमकर बवाल काटा। कारण यह था कि उन्हें ठेकेदारी के चलते बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से निकाल दिया गया। संविदा कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें ठेकेदारी की प्रथा समाप्त कर सीधे सरकार से जोड़ा जाए। ताकि उनका शोषण बंद हो सके।

संविदा कर्मचरियों ने आरोप लागते हुए कहा कि पिछले पांच साल से एक विवादित कंपनी को ही हर बार ठेका दिया जाता है। इसके बाद ठेकेदारी और दलाली के चक्कर में वेतन बढ़ने के बजाय उनके वेतन ने हर बार कटौती की जाती है। कई बार निगम को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाही नहीं हुई। वहीं कस्टमर केयर में बवाल बढ़ने पर ‘एमवीवीएनएल’ के अधिकारियों ने पुलिस बुला ली। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद मामला शांत कराया।संविदा कर्मचारियों के मुताबिक, तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक 1912 बिजली हेल्पलाइन पर ठेकेदारी प्रथा के द्वारा कर्मचारियों का शोषण हो रहा है।

इसके चलते सभी को पूर्व सूचना दिए बगैर उन्हें निकाला जा रहा है। उनका कहना है कि हम सभी सीएम योगी को अवगत कराना चाहते हैं कि ठेकेदारी प्रथा को बंद करने को लेकर दिए गए बयान से सभी कर्मचारियों में एक उम्मीद की किरण जागृत हुई थी। लेकिन पूरा कस्टमर केयर सेंटर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का ठेका विवादित कंपनी को दे दिया गया। जबकि कस्टमर केयर सेंटर की देखभाल दो अधिशासी अभियंता, दो सहायक अभियंता व एक जूनियर इंजीनियर यहां तक की मध्यांचल विद्युत वितरण के प्रबंध निदेशक स्वयं करते हैं। फिर भी कर्मचारियों का शोषण करने के लिए कस्टमर केयर सेंटर का ठेका कंपनी को दे दिया गया।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ठेकेदारी प्रथा के कारण पिछले 5 सालों से उनका शोषण हो रहा है।

हर साल नया टेंडर होने के कारण नई नई कंपनी आ जाती है। जो संविदा कर्मचारियों को वेतन, अवकाश व अन्य सुविधाएं में वृद्धि की जगह कम कर देती। इससे सभी कर्मचारी परेशान हैं। इसलिए कस्टमर केयर सेंटर का टेंडर किसी भी कंपनी को ना देकर हमें सीधे टेंडरिंग के मुताबिक कार्यालय में रखा जाए। ताकि हमारा शोषण सेंटर लेने वाली कंपनियों द्वारा बंद हो सके।बताया जा रहा है कि अभी तक टोल फ्री कॉल होने की सुविधा भी आज से समाप्त हो रही है। अब उपभोक्ता को टोल फ्री नंबर पर कॉल करने के 1.50 रूपये प्रति मिनट की दर से भुगतान भी करना पड़ेगा। इससे उपभोक्ताओं की और जेब कटेगी। क्योंकि कस्टमर केयर में कॉल करते समय परेशानी बताने और कॉल होल्ड होने में काफी वक्त लगता है।


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