इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को प्रदेश सरकार को एक और झटका दिया है।
बीते कुछ महीनों में कई बार हाईकोर्ट की फटकार सुन चुकी अखिलेश सरकार को मनरेगा में हुए घोटाले के मामले में खरी-खोटी सुननी पड़ी है।
हाईकोर्ट ने कहा है कि है कि मनरेगा घोटाले में राज्य सरकार द्वारा ईओडब्ल्यू से कराई जा रही जांच नाकाफी है।
इसीलिए अब सीबीआई से यूपी के सात जिलों में फंड के दुरुपयोग और राजनीतिक दखल से हुए घोटाले की जांच करने को कहा है।
हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को भी आदेश दिया है कि वह सीबीआई को मैनपॉवर से लेकर सभी जरूरी संसाधन एक महीने में मुहैया कराए।
गौरतलब है कि 2007 से 2010 के बीच महोबा, बलरामपुर, गोंडा, सोनभद्र, संत कबीर नगर, मिर्जापुर और कुशीनगर में जमकर धांधली हुई थी।
इस मामले में सच्चिदानंद गुप्ता नाम के एक मीडियाकर्मी ने याचिका दायर करते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी।
आदलत ने इस मामले पर अंतिम सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है कि सीबीआई जांच करते हुए सभी कानूनी कार्रवाई करे और हर तीन महीने में कोर्ट को इसकी जानकारी भी दे।
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