नई दिल्ली । हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र के खुदकुशी मामले में केंद्र सरकार की किसी प्रकार की भूमिका से इन्कार करते हुए मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को कहा कि दो सदस्यों की एक टीम को मामले की जांच करने के लिए विश्वविद्यालय भेजा गया है। स्मृति ईरानी ने कहा कि जिस परिवार ने अपना बेटा खो दिया, मैं उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं। उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक नियंत्रण केवल विश्वविद्यालय द्वारा ही किया जाता है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती। ईरानी ने जोर देते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में वह कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं करना चाहती क्योंकि कानून-व्यवस्था राज्य सरकार के नियंत्रण में है। जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती तब कुछ भी कहना अनुचित होगा।
वहीं कांग्रेस नेता आर.पी.एन सिंह ने सोमवार को प्रत्रकार वार्ता में कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में दलित और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। केंद्र सरकार की दलित विरोधी मानसिकता का खुलासा तो पिछले बजट में ही हो गया था, जब 19 हजार करोड़ रूपए की धनराशि अनुसूचित जाति उप योजना से कम कर दी गई थी। सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में शामिल विश्वविद्यालय के कुलपति और अन्य लोगों को तत्कालीन हटा देना चाहिए। साथ ही जिस मंत्री के खिलाफ इस मामले में प्राथमिकी दर्ज है, उसे कैबिनेट से हटा दिया जाना चाहिए।
https://rashtriyadinmaan.com

