
लखनऊ. जनप्रतिनिधियों द्वारा पुलिस अधिकारियों के साथ किये जा रहे अमर्यादित व्यवहार और पुलिस पर बढ़ते हमलों से आई.पी.एस. एसोसियेशन काफी खफा है. एसोसियेशन ने सरकार से कहा है कि क़ानून को लागू करने के लिए पुलिस शासन का प्रमुख अंग है. ऐसे मामलों में सरकार को जीरो टालरेंस की नीति अपनाते हुए साक्ष्य आधारित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि क़ानून का राज स्थापित किया जा सके.
उल्लेखनीय है कि जनप्रतिनिधियों का पुलिस अधिकारियों के साथ मर्यादापूर्ण व्यवहार इधर काफी घटा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में सत्ता पक्ष के विधायक राधा मोहन अग्रवाल ने महिला आई.पी.एस.चारु निगम के साथ सार्वजानिक स्थल पर अमर्यादित व्यवहार किया तो उनके आंसू निकल पड़े. अपने काम के बल पर लेडी सिंघम के रूप में पहचान बनाने वाली चारु निगम ने बाद में अपने फेसबुक स्टेटस पर इस घटना का ज़िक्र करते हुए लिखा कि मेरे आंसुओं को मेरी कमजोरी मत समझना. ज़ाहिर है कि सार्वजनिक रूप से अपमान सहने वाले अधिकारी को क़ानून का राज स्थापित करने में दिक्क़त तो होगी ही. चारु निगम के पक्ष में आई.पी.एस. अधिकारी लामबंद होने लगे और आई.पी.एस. एसोसियेशन ने सरकार से इस मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की मांग कर डाली तो दबाव बनाने के लिए राधा मोहन अग्रवाल ने अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना देने की घोषणा कर डाली.
सोशल मीडिया पर इस महिला पुलिस अधिकारी को ज़बरदस्त समर्थन मिल रहा है. उनकी पोस्ट को कुछ ही घंटों में डेढ़ हज़ार से ज्यादा शेयर किया गया है. जनप्रतिनिधि हैं कि मानते ही नहीं हैं. सांसद रमाकांत यादव ने आज एक पुलिस अधिकारी से यहाँ तक कहा कि यादव हो इसलिए छोड़ रहा हूँ. तुम ठाकुर या ब्राह्मण होते तो तुम्हारी लाठियों से पिटाई करता. योगी सरकार आने के बाद यह तीसरी बड़ी घटना है. सबसे पहले सहारनपुर के एसएसपी के घर पर सांसद और उनके गुर्गों ने कब्ज़ा कर लिया था.
एसएसपी को उनके ही घर नहीं जाने दिया गया. उनकी पत्नी और बेटी ने कई घंटे दहशत में गुज़ारे. इस बड़ी घटना के बाद सांसद पर तो कोई कार्रवाई नहीं हुई लेकिन एसएसपी को ट्रांसफर कर दिया गया. इस तरह की घटनाओं के बाद आई.पी.एस. एसोसियेशन ने सरकार से अपनी नाराजगी ज़ाहिर कर दी है. सरकार अगर इस मामले में कड़ा कदम नहीं उठाती है तो आई.पी.एस. अधिकारियों की नाराजगी के बीच प्रदेश की क़ानून व्यवस्था को पटरी पर ला पाना सरकार के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा.
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