
लखनऊ. यूपी में डीएम बनाने के लिये 60-70 लाख रुपये का घूस लगता है. ऐसा दावा करने वाले यूपी के आईएएस अधिकारी अशोक कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है.
अशोक कुमार राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के सचिव के पद पर में तैनात हैं. उन्होंने यह बयान बस्ती में शनिवार को दिया था. मीडिया में खबरें आने के बाद यूपी सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है. अशोक कुमार ने न सिर्फ यूपी में घूस देकर डीएम बनाए जाने का दावा किया था, बल्कि यहां तक कहा था कि यदि उनके पास भी 60-70 लाख रुपये होते तो वह भी डीएम बन जाते.
सचिव राष्ट्रीय एकीकरण अशोक कुमार तीन दिवसीय दौरे पर बस्ती में संचालित सरकारी योजनाओं की हकीकत जानने के पहुंचे थे. वह विकास भवन में डीएम नरेंद्र सिंह पटेल सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान उन्होंने मातहतों को राजनीति करने से बाज आने की नसीहत दी. साथ ही कहा कि संबंधित अधिकारी अपने कार्यों के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेह रवैया अख्तियार करें, ताकि आम जनता को बेवजह हैरान न होना पड़े. इसके बाद वे पीडब्लूडी के डाक बंगले पर पत्रकारों से मुखातिब थे.
सचिव अशोक कुमार ने यहां तक कह डाला कि अखिलेश की सपा सरकार में रुपये देने वालों को जिले में डीएम की तैनाती मिलती है. इसके लिए बकायदा 60 से 70 लाख रुपये रेट तय है, अगर कोई यह रेट नहीं देता है, तो उसे मुख्यालय पर ड्यूटी बजानी पड़ती है.
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