ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में दागी अफसर को फिर से दिया गया इंडस्ट्री का चार्ज


मुख्यमंत्री योगी ने भष्टाचार के मामले में प्रबंधक मयंक श्रीवास्तव दोषी पायें जाने पर निलंबित कर दिया था

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी ने भष्टाचार के मामले में प्रबंधक रैंक के अफसर को जांच में दोषी पायें जाने पर निलंबित कर दिया था पर इस प्रबंधक ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी से सेटिंग कर पुनः इंडस्ट्री का काम पा लिया है ।

यह कारनामा करने वाले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के यह प्रबंधक मयंक श्रीवास्तव है । करीब एक साल पहले भी मयंक श्रीवास्तव इंडस्ट्री का काम काज देख रहे थे । उस समय ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेन्द्र भूषण थे । मयंक श्रीवास्तव के कामकाज के तरीकों को लेकर कर नरेंद्र भूषण ने भी कई बार कहा सुना था ।

मंयक श्रीवास्तव के भष्टाचार के एक मामले की शिकायत जेवर के भाजपा विधायक धीरेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी से की थी । जिसकी जांच हुई और मयंक श्रीवास्तव को दोषी पाया गया तो उनको निलंबित कर दिया गया ।

बताया जाता है कि मयंक श्रीवास्तव इसके बाद कोर्ट चले गए और वहां से स्टे ले आयें और यही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में बने रहें। इधर जब ट्रांसफर पोस्टिंग होने लगी तो इंडस्ट्री का काम अब तक देख रहे अधिकारी भी हट गयें। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में एक अपर एसीईओ के मयंक श्रीवास्तव काफी करीब बताये जातें हैं । अपर एसीईओ ने तत्काल इंडस्ट्री का चार्ज प्रबंधक स्तर के मयंक श्रीवास्तव को दे कर उन्हें उसी सीट पर पुनः बैठा दिया जहां से मुख्यमंत्री ने उनको निलंबित किया था ।

यहां महत्वपूर्ण बात तो यह है कि मयंक श्रीवास्तव का निलंबन अभी खत्म नहीं हुआ है। वह कोर्ट से स्टे लिये हुए हैं । दूसरा, मयंक श्रीवास्तव को जिस पद का चार्ज दिया गया है वह जीएम, लेबिल का है , मयंक श्रीवास्तव प्रबंधक स्तर के अफसर हैं इसके बाद भी दो पद ऊपर उनको बैठा दिया गया है ।
जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ही कई जीएम और एजीएम स्तर के अफसर मौजूद हैं । इसके चलते प्राधिकरण में अफसरों के बीच जबरदस्त असंतोष चल रहा है ।

बरहाल, इस पूरे प्रकरण में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एक दो वरिष्ठ अधिकारियों पर भी उगुलिया उठ रही है ।


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