वाराणसी हादसे में सेतु निगम और निर्माणदायी संस्था के खिलाफ दर्ज हुई गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में FIR


 

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lucknow |अब यूपी सरकार ने एक्शन ले लिया है. सेतु निगम और निर्माणदायी संस्था के खिलाफ सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले में आईपीसी की दफा 304, 308, 427 और ¾ में मुकदमा दर्ज किया गया है. मुकदमे में गैर इरादतन हत्या, हत्या के प्रयास, लोक संपत्ति और संपत्ति की क्षति की धाराएं भी लगाई गईं हैं.बता दें मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे के करीब निर्माणाधीन चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर का एक हिस्सा कैंट रेलवे स्टेशन के सामने गिर गया. इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. मामले में यूपी सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर समेत चार अधिकारी निलंबित कर दिए गए थे.

वैसे गत 19 फरवरी को यूपी सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक के खिलाफ सिगरा थाने में लापरवाही बरतने के लिए FIR दर्ज हो चुकी थी, जिसमें काम में लापरवाही, अराजकतापूर्वक कार्य करने, ट्रैफिक वालंटियर्स की तैनाती नहीं करने का आरोप लगाया गया था. अगर उस समय ही अफसरों ने इसका संज्ञान लिया होता तो यह हादसा नहीं होता.उधर वाराणसी हादसे को लेकर राज्य सेतु निगम के प्रबंध निदेशक राजन मित्तल का अहम बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को यातायात रोकने के लिए पत्र लिखा गया था, लेकिन जिला प्रशासन ने यातायात डायवर्ट नहीं किया. उन्होंने हादसे की वजह पर कहा कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.


बकौल राजन मित्तल, शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे की वजह बैरिंग का लॉक टूटना हो सकता है. उन्होंने कहा कि सेतु निगम के अधिकारियों ने बैरिंग और बीम का निरीक्षण नहीं किया. इस लापरवाही के कारण ही आरोपियों को निलंबित किया गया है.बता दें, वाराणसी में घटनास्थल का निरीक्षण करने और घायलों से मिलने के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट करते हुए घटना को दुखद बताया. साथ ही उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामले में सेतु निगम के चीफ़ प्रोजेक्ट मैनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेन्द्र सिंह और के आर सूडान को सस्पेंड कर दिया गया है. साथ ही एक अन्य कर्मचारी लालचंद को भी सस्पेंड किया गया है.

डिप्टी सीएम ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है. टीम को फ्लाईओवर हादसे पर 15 दिनों में रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिया गया है. इस बीच तकनीकी विशेषज्ञों की जांच टीम भी वाराणसी पहुंच चुकी है और अपने जांच में जुटी है.


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