क्वेटा. बलूच नेताओं को नरेंद्र मोदी की तारीफ और सपोर्ट करना महंगा पड़ गया है। करीमा बलोच समेत 3 नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। करीमा वही हैं जिन्होंने मोदी को रक्षाबंधन की बधाई दी थी और बलूच महिलाओं का भाई बताया था। करीमा ने ये भी कहा था, “मोदी, हम अपनी जंग खुद लड़ेंगे। बस, आप हमारी आवाज बन जाइए।”
– करीमा बलोच के अलावा जिन दो अन्य नेताओं पर केस दर्ज हुआ है, वे ब्रहमदाग बुगती और हरबियार मारी हैं।
– इन तीनों नेताओं को खिलाफ 5 लोगों ने शिकायत की थी।
– शिकायत के आधार पर खुजदार इलाके के 5 पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।
– इन तीनों नेताओं को खिलाफ 5 लोगों ने शिकायत की थी।
– शिकायत के आधार पर खुजदार इलाके के 5 पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।
बलूच नेताओं पर ये आरोप
– तीनों बलूच नेताओं को पाकिस्तान पीनल कोड के सेक्शन 120, 121, 123 और 353 के तहत केस दर्ज किया गया है।
– इन सेक्शंस के तहत पाक के खिलाफ वॉर छेड़ने की कोशिश और पाक अफसर पर हमला करने का आरोप है। इसके तहत इन नेताओं को जेल हो सकती है।
– खुजदार के डिस्ट्रिक्ट पुलिस अफसर मुहम्मद अशरफ जाटक के मुताबिक, ‘शिकायत करने वालों का दावा है कि बलूच नेताओं ने मोदी की 15 अगस्त की स्पीच का सपोर्ट किया था।’
– इन सेक्शंस के तहत पाक के खिलाफ वॉर छेड़ने की कोशिश और पाक अफसर पर हमला करने का आरोप है। इसके तहत इन नेताओं को जेल हो सकती है।
– खुजदार के डिस्ट्रिक्ट पुलिस अफसर मुहम्मद अशरफ जाटक के मुताबिक, ‘शिकायत करने वालों का दावा है कि बलूच नेताओं ने मोदी की 15 अगस्त की स्पीच का सपोर्ट किया था।’
क्या बोलीं थीं करीमा?
– उन्होंने कहा, “बलूचिस्तान की एक बहन आपको भाई मानकर कुछ कहना चाहती है। मेरा नाम करीमा बलोच है। मैं बलूचिस्तान स्टूडेंट्स एसोसिएशन की चेयरपर्सन हूं। हमारे लोग पाकिस्तानी आर्मी के हाथों मारे गए हैं या कई लापता कर दिए गए हैं।”
– “बलूचिस्तान की कई बहनें अपने भाइयों की राह ताक रही हैं। शायद वो कभी लौट कर न आएं और बहनों का इंतजार शायद कभी खत्म ही न हो।”
– “लेकिन इस दिन (रक्षाबंधन) के हवाले से ये कहना चाहती हूं कि बलूचिस्तान की सभी महिलाएं आपको भाई मानती हैं। आपसे ये भी दरख्वास्त करती हैं कि आप यहां जेनोसाइड और ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन के खिलाफ इंटरनेशनल फोरम पर बलूचिस्तान की आवाज बनेंगे। बलूचिस्तान की उन बहनों की आवाज बनेंगे, जिनके भाई लापता हैं।”
– करीमा ने कहा, “हम अपनी जंग खुद लड़ेंगे। हम चाहते हैं कि आप हमारी जंग की आवाज बन जाएं और दुनिया के हर कोने में उस आवाज को पहुंचाएं।”
– गुजराती में मोदी को दिए संदेश में करीमा कहती हैं- “जिस तरह आप बलूचिस्तान के लोगों के लिए खड़े हुए हैं, उसके लिए हम आपको बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं।”
– “बलूचिस्तान की कई बहनें अपने भाइयों की राह ताक रही हैं। शायद वो कभी लौट कर न आएं और बहनों का इंतजार शायद कभी खत्म ही न हो।”
– “लेकिन इस दिन (रक्षाबंधन) के हवाले से ये कहना चाहती हूं कि बलूचिस्तान की सभी महिलाएं आपको भाई मानती हैं। आपसे ये भी दरख्वास्त करती हैं कि आप यहां जेनोसाइड और ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन के खिलाफ इंटरनेशनल फोरम पर बलूचिस्तान की आवाज बनेंगे। बलूचिस्तान की उन बहनों की आवाज बनेंगे, जिनके भाई लापता हैं।”
– करीमा ने कहा, “हम अपनी जंग खुद लड़ेंगे। हम चाहते हैं कि आप हमारी जंग की आवाज बन जाएं और दुनिया के हर कोने में उस आवाज को पहुंचाएं।”
– गुजराती में मोदी को दिए संदेश में करीमा कहती हैं- “जिस तरह आप बलूचिस्तान के लोगों के लिए खड़े हुए हैं, उसके लिए हम आपको बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं।”
इंडिपेंडेंस डे पर मोदी बोले- बलूचिस्तान और पीओके के लोगों का तहे दिल से शुक्रिया
– मोदी ने लाल किले से दी स्पीच में कहा था, ”पिछले कुछ दिनों में बलूचिस्तान, गिलगित, पाक के कब्जे वाले हिस्से के लोगों ने मुझे बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है। मेरा आभार व्यक्त किया है। मेरे प्रति सद्भावना जताई है।”
– ”दूर-दूर बैठे लोग हैं। जिस धरती को मैंने देखा नहीं, जहां के लोगों से कभी मुलाकात नहीं हुई, वे प्रधानमंत्री का आदर करते हैं तो ये मेरे सवा सौ करोड़ देशवासियों का सम्मान है। मैं गिलगित, बलूचिस्तान और पाक के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।”
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