राज्यपाल से मिले भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी


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लखनऊ,।उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक से आज राजभवन में सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद से आये भारतीय पुलिस सेवा 2016 बैच के 20 प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचारिक भेंट की। भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ भूटान एवं मालदीप के भी कुछ अधिकारी सम्मिलित थे। इस अवसर पर राज्यपाल की प्रमुख सचिव सुश्री जूथिका पाटणकर, सचिव चन्द्रप्रकाश सहित अकादमी की सहायक निदेशक सुश्री अमृता दास आईपीएस भी उपस्थित थी। अकादमी की ओर से राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

राज्यपाल ने भेंट के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि पुलिस प्रशासन का महत्वपूर्ण घटक है। कानून एवं व्यवस्था के लिये पुलिस को संरक्षक के रूप में देखा जाता है। नवनियुक्त पुलिस अधिकारी जनता में विश्वास और भरोसा जगायें। सेवा के दौरान यह प्रयास होना चाहिये कि हर शिकायतकर्ता को पूरा न्याय मिले। ऐसा वातावरण निर्मित करने की जरूरत है जिससे संभ्रांत व्यक्ति थाने जाने में कोई हिचकिचाहट न महसूस करे। पुलिस को चाहिये कि अपराधियों पर सख्त कार्यवाही करे तथा सभ्य नागरिकों से मित्रवत व्यवहार करे। महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान होना चाहिये कि पुलिस का दायित्व जनता की सेवा करना है।

श्री नाईक ने उत्तर प्रदेश के राजनैतिक, सांस्कृतिक एवं भौगोलिक विशेषता पर प्रकाश डालते हुये कहा कि उत्तर प्रदेश बड़ी आबादी वाला राज्य है। विश्व के केवल चार देश ही आबादी की दृष्टि से उत्तर प्रदेश से बड़े हैं। ऐसी स्थिति में राज्य की पुलिस की चुनौतियाँ भी ज्यादा हैं। पुलिस सेवा में अवकाश कम मिलता है इसलिये अपने कार्यदिवस की योजना अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुये स्वयं निर्धारित करें। पुलिस के लिये यह महत्वपूर्ण है कि धर्म, जाति, पद एवं राजनैतिक दबाव के बिना निष्पक्ष कार्यवाही करे।

उन्होंने कहा कि समस्याएं हर जगह होती है किन्तु उन्हें निपटाने के लिये विवेक और संयम से काम लेने की आवश्यकता होती है।


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