राष्ट्रीय मुख स्वक्षता दिवस पर आधुनिक तरीको व साधनो से अवगत कराया गया


 

लखनऊ |  राष्ट्रीय मुख स्वक्षता दिवस (ओरल हाइजीन डे) के अवसर पर सरस्वती डेंटल कॉलेज के पेरिओडोन्टोलॉजी विभाग में मुख स्वच्छता के आधुनिक तरीको व साधनो से अवगत कराया गया। इस अवसर पर डेंटल कॉलेज के चिकित्सको, कर्मचारियों व बी डी एस तथा एम डी एस कर रहे विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में रूचि दिखते हुए आयोजित पोस्टर कॉम्पटीशन में हिस्सा लिया। जिसका विषय था मुख स्वच्छता का शरीर पर प्रभाव।विभागाध्यक्ष डॉ विवेक बेंज़ ने बताया की मुख की स्वच्छता शरीर के स्वा स्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है|

गर्भावस्था में मुख की स्वच्छता का अगर ध्यान न रखा जाए तो इसका सीधा असर होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य पे पड़ सकता है|आधुनिक अनुसन्धान इस बात की पुष्टि करते है कि मुख की स्वछता मधुमेह नियंत्रण (डायबिटीज कण्ट्रोल),हृदय रोग,गठिया ,स्वशन सम्बंधित बीमारियों ,ओरल कैंसर इत्यादि से सीधा सम्बंधित है इसलिए मुख का स्वच्छ रहना शरीर के स्वस्थ रहने के लिए ज़रूरी है|

सहायक आचार्य डॉ हिमांगी दुबे ने मौखिक स्वच्छता, रख रखाव और परिओडोन्टल स्वास्थ्य के लिए गाइड करते हुए कहा कि दांतों को ब्रश से साफ करने और फ्लॉसिंग के अलावा, जीभ को भी साफ करना चाहिए। बहुत से लोग इसे ज़रूरी नहीं मानते, लेकिन जीभ पर बहुत अधिक ओरल बैक्टीरिया पैदा होते हैं। इसीलिए दांतों को केवल ब्रश से साफ करना पर्याप्त नहीं होगा। इससे भी महत्वपूर्ण बात, नियमित डेंटल चेकअप भी कराएं| ब्रशिंग और फ्लॉसिंग 2 सबसे महत्वपूर्ण ओरल हेल्थ से जुड़ी आदतें हैं जिन्हें आपको हर दिन दोहरानी चाहिए। फ्लॉसिंग एक महत्वपूर्ण आदत है क्योंकि यह दांतों की दरारों में फंसने वाले भोजन के कणों को दूर करने में मदद करता है और यह टूथब्रश से और अंदर धंस जाता है या साफ नहीं हो सकता।ज़रूरी है कि बच्चों को भी ओरल हाइजिन की अच्छी आदतें और उसका महत्व समझाया जाये।

कार्यक्रम में में उपस्थित डॉ आर एस बेदी (प्रिंसिपल सरस्वती डेंटल कॉलेज),चेयरपर्सन श्रीमती मधु माथुर ने प्रतिभागिओ की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए मुख स्वछता का महत्व समझाया।आयोजित कार्यक्रम विभागाध्यक्ष डॉ विवेक की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ जिसको डॉ चेतन, डॉ रूचि,डॉ हिमांगी तथा डॉ आकांक्षा ने उत्साहपूर्वक सफल बनाने में अपना योगदान दिया।


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