इलाहाबाद | समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव और केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के खिलाफ मुकदमा लिखकर समन जारी करना सिविल जज अंकित गोयल को महंगा पड़ गया। हाईकोर्ट इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश ने शनिवार शाम सिविल जज को निलंबित कर दिया। हाईकोर्ट से हुई इस कार्रवाई के बाद महोबा में हड़कम्प मचा है।
कुलपहाड़ तहसील में तैनात सिविल जज जूनियर डिवीजन अंकित गोयल ने 21 अगस्त 2015 को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के खिलाफ धारा 504, 505, 509 के तहत एक मुकदमा दर्ज किया था और कई बार नोटिस न वारंट भी भेजे थे। इसके बाद 25 अगस्त को कोर्ट की आवमानना में सिविल जज ने सपा मुखिया और सपा नेता भागीरथ यादव के खिलाफ दूसरा मुकदमा दर्ज कराते हुए नोटिस जारी किया था। 19 अक्तूबर 2015 को सिविल जज गोयल ने केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ धारा 124 ए, 505 के तहत राष्ट्रद्रोह का मुकदमा अपनी ही अदालत में दर्ज कराया था।
कुलपहाड़ के सिविल जज जूनियर डिवीजन अंकित गोयल की ओर से दर्ज मुकदमों की सुनवाई हाईकोर्ट तक पहुंच चुकी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने अविवेकपूर्ण निर्णय लेने के आरोप में सिविल जज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शनिवार की शाम यह आदेश आते ही न्यायिक मजिस्ट्रेटों में हड़कम्प मच गया।
राजनैतिक गलियारों की माने तो सपा सुप्रीमो और वित्तमंत्री से पंगा लेना सिविल जज को भारी पड़ा है। उधर मामले में जब सिविल जज जूनियर डिवीजन अंकित गोयल से बात करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल स्विचऑफ बताता रहा।
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