
समाजवादी पार्टी ने भाजपा के खिलाफ बसपा के साथ बने गठबंधन में रालोद को शामिल कर लिया है और कैराना लोकसभा सीट पर अपनी पार्टी की तबस्सुम रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ाने का निर्णय लिया है। नूरपुर विधानसभा सीट पर सपा के नईमुल हसन इस गठबंधन के साझा उम्मीदवार होंगे।
अब रालोद की प्रत्याशी बनने से जाट वोट मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। इस नाम पर रालोद को राजी करने के लिए उनके नेताओं से दोबारा बातचीत हुई और बात बनती गई । इसी तरह का रास्ता सपा ने गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में निकाला जब उसने निषाद पार्टी के अध्यक्ष के बेटे को सपा का सिंबल देकर गोरखपुर से चुनाव लड़ाया और बसपा के सहयोग से जीत हासिल की।
कैराना सीट यहां से सांसद हुकुम सिंह के निधन से रिक्त हुई है। इस सीट पर मुस्लिम, दलित व जाट वोट तो सपा बसपा, रालोद गठजोड़ के हक में दिखते हैं लेकिन भाजपा ने अपनी सिटिंग सीट को बरकरार रखने के लिए सारी ताकत झोंक दी है। कैराना लोकसभा सीट भाजपा सांसद हुकुम सिंह के निधन से जबकि नूरपुर विधानसभा सीट लोकेंद्र सिंह के निधन के कारण रिक्त हुई है । यह दोनो सीटें भाजपा की सिटिंग सीटें हैं। इन पर उपचुनाव 28 मई को होना है।
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