यूपी की खादी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाएगा


लखनऊ |   यूपी में खादी वस्त्रों और उत्पादों की गुणवत्ता एवं उत्पादन बढ़ाने के साथ ही यूपी की खादी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने वर्ष 2020-21 तक खादी को ब्रांड बनाने की योजना तैयार की है।इसके तहत लखनऊ और मुजफ्फरनगर में खादी प्लाजा स्थापित किया जाएगा। मुजफ्फरनगर में 8.03 करोड़ और लखनऊ में 4.53 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इनमें उत्कृष्ट इकाइयों के उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी। विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने योजना तैयार कर सरकार के समक्ष पेश की है।

यूपी की खादी को ब्रांड बनाने के लिए खादी ग्रामोद्योग की 150 यूनिटों में तैयार वस्त्रों और अन्य उत्पादों को ऑनलाइन मार्केटिंग के लिए अमेजन इंडिया से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा फ्लिपकार्ट और मंत्रा सहित अन्य संस्थाओं से भी संपर्क किया जाएगा।

प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि  सरकार प्रत्येक जिले में खादी के बिक्री स्टोर खोलने के लिए बेरोजगार युवक-युवतियों से आवेदन आमंत्रित करेगी। यूपी की खादी को देश-विदेश में विशिष्ट पहचान के लिए खादी यूपी का अलग लोगो तैयार कराया जाएगा।विभाग ने वर्ष 2019-20 में 10 करोड़ रुपये की लागत से 250 संस्थाओं और 70 हजार बुनकर-कातिनों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है। 2020-21 में 400 संस्थाओं के 1.35 लाख बुनकर-कातिनों को लाभान्वित करने की योजना है। चालू वित्तीय वर्ष में 1000 और अगले वित्तीय वर्ष में 2000 बुनकर-कातिनों को चरखे वितरित किए जाएंगे।

कानपुर के बिल्हौर में 18.23 करोड़ रुपये की लागत से 46 एकड़ में खादी पार्क बनेगा। इसमें खादी की कताई, बुनाई, सिलाई, पैकेजिंग, आधुनिक डिजाइन के वस्त्र उत्पादों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनसे जुड़ी संस्थाओं को ढांचागत सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।

प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि लखनऊ और गोरखपुर स्थित खादी की गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में सभी इकाइयों के उत्पादों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इसके बाद ही उन्हें ब्रांडिंग के लिए चयनित उत्पादों में शामिल किया जाएगा।


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