
lucknow | गाज़ियाबाद जनपद में करीब डेढ़ लाख आवंटी समय से घर नहीं मिलने से परेशान हैं। जीडीए में बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में ज्यादातर लोगों ने सालों के इंतजार के बाद भी घर नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर नगर विकास मंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि बिल्डर और आवंटी के बीच हुए समझौते के तहत बिल्डर को सभी बुनियादी सुविधाएं देनी होंगी। तय समय पर कब्जा नहीं देने वाले बिल्डर पर मुकदमा दर्ज होगा। तीन मंत्रियों की कमेटी ने जीडीए सभागार में आवंटियों और बिल्डरों के साथ अलग-अलग बैठक की।
बैठक में कमेटी के चेयरमैन संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के साथ औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना और गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्यमंत्री सुरेश राणा मौजूद रहे। सुबह 10:30 बजे तीनों मंत्रियों ने आवंटियों के साथ बैठक शुरू की। बैठक में मिडोस विस्टा के आवंटियों ने आरोप लगाया कि बिल्डर आवंटियों से पैसे लेकर भाग गया है। प्रोजेक्ट के कई टावर निर्माणाधीन हैं। ऐसे में आवंटियों के सामने कब्जा लेने की समस्या है। साथ ही जो टावर नहीं बने हैं, उन्हें कैसे बनाया जाए। उन्होंने मांग की कि आवंटियों को ही टावर बनाने की इजाजत दी जाए। आवंटी रंजीत सिंह ने कहा कि एक टावर में आवंटियों से पैसा लेने के बाद दूसरे लोगों के नाम रजिस्ट्री कर दी गई है। सतपाल सिंह, उमा अग्रवाल ने कहा कि अंसल ने 2014 तक प्लाट देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक नहीं दिए गए हैं। सतीश कुमार ने कहा कि क्रासिंग रिपब्लिक में पांच हजार ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाए जा रहे हैं। इनका कब्जा वर्ष 2014 तक देना था, लेकिन रुपये जमा कराने के बाद भी कब्जा नहीं दिया गया। क्लासिक रेजिडेंसी के आवंटी अतुल जैन ने कहा कि 10 साल पुरानी सोसाइटी होने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। महागुनपुरम के संजय विश्वकर्मा ने कहा कि वर्ष 2013 में फ्लैट देने का वादा करने के बाद भी अभी तक फ्लैट नहीं मिला है।
कमेटी ने बिल्डरों से आवंटियों को समय से फ्लैट या प्लाट नहीं देने का कारण पूछा। कमेटी के चेयरमैन संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने बिल्डरों से पूछा कि वह कब तक आवंटियों को कब्जा देंगे। उन्होंने कहा कि तय समय पर कब्जा नहीं देने वाले बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इस दौरान जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा, जीडीए सचिव रवींद्र गोडबोले, सीएटीपी इश्तियाक अहमद आदि मौजूद रहे।
कमेटी के तीन मंत्रियों की बैठक पहले आवंटियों के साथ हुई। यह बैठक सुबह 10:30 से 12 बजे तक चली। इसके बाद बिल्डरों के साथ करीब 2:30 बजे तक बैठक हुई। इस बैठक में विभिन्न आवंटियों और बिल्डरों ने अपनी-अपनी समस्याएं बताईं। 95 फीसदी पैसा कराया जमा, नहीं मिला कब्जा केडीपी, गुलमोहर, हाईटेक, एसबीपी नवरत्न के आवंटियों ने आरोप लगाया कि बिल्डर ने 95 फीसदी तक पैसा जमा करा लिया है। इसके बाद भी समझौते के तहत समय सीमा निकलने के बाद भी फ्लैट नहीं दिया है। बुनियादी सुविधाओं का अभाव बैठक में ऐसे आवंटी भी आए, जिन्हें बिल्डर कब्जा दे चुके हैं, लेकिन उनकी सोसाइटी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ऐसे आवंटियों ने कहा कि बिल्डर ने एक या दो साल पहले फ्लैट पर कब्जा तो दे दिया है, लेकिन वहां किसी भी तरह की सुविधाएं नहीं हैं। उन्होंने कहा कि फ्लैट बनाने में जो सामग्री लगाई है, वह भी काफी खराब है। फ्लैट बुक कराते समय सोसाइटी में स्वीमिंग पूल बनाने की बात कही थी, लेकिन नहीं बनाई गई।
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