एलडीए ने माना, उसकी वेवसाईट अभी तक पूरी तरह से सुरक्षित नहीं थी


अफसरों की फौज है यहां पर पूरा कम्प्यूटर विभाग है उसके बाद भी अपनी वेवसाईट को इतने वर्षों से पूरी तरह से सुरक्षित नहीं कर सका। आखिर क्यों ?

लखनऊ । लखनऊ विकास प्राधिकरण का हाल अंधेर नगरी, चौपट राज जैसा है । जरा गौर कीजिए, एलडीए ने आज माना कि उसकी वेवसाईट, अभी तक पूरी तरह से सुरक्षित नहीं थी , जिससे छेड़छाड़ की सम्भावना थी ।यह कितनी बड़ी और आश्चर्यजनक बात है कि एलडीए जैसा बड़ा विभाग जो हर महीने , लाखों, करोड़ों रुपए की सम्पत्ति की आम जनता को बिकी करता है , अफसरों की फौज है यहां पर पूरा कम्प्यूटर विभाग है उसके बाद भी अपनी वेवसाईट को इतने वर्षों से पूरी तरह से सुरक्षित नहीं कर सका। आखिर क्यों ?

इतना ही नहीं जब तब तमाम तरह के सम्पत्ति घोटाले सामने आते रहे हैं जिसमें कम्प्यूटर विभाग की मिली भगत सामने आती रही है ।
अब आज जा कर एलडीए ने बताया कि उसकी वेवसाईट पूरी तरह से सुरक्षित हो गई है । उसको इसके लिए आडिट प्रमाण पत्र भी मिला है ।अब पूरी तरह सुरक्षित हुई लखनऊ विकास प्राधिकरण की वेबसाइट|


लखनऊ विकास प्राधिकरण की वेबसाइट/पोर्टल में अब किसी तरह की छेड़-छाड़ की सम्भावना नहीं रहेगी। उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में प्राधिकरण के कम्प्यूटर अनुभाग के अधिकारियों ने साफ्टवेयर में कुछ अहम बदलाव करके वेबसाइट को सुरक्षा के लिहाज से फुल प्रुफ बना दिया है। भारत सरकार के इलेक्ट्राॅनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अधिकृत संस्था ने पूरी प्रक्रिया की समीक्षा के बाद आज गुरूवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण को वेब सिक्योरिटी आॅडिट सर्टिफिकेट जारी किया है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी देवांश त्रिवेदी ने बताया कि विगत कुछ महिनों में प्राधिकरण की वेबसाइट से छेड़-छाड़ की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन घटनाओं को देखते हुए उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी द्वारा अधिकारियों के साथ बैठक की गई थी, जिसमें उन्होंने प्राधिकरण की वेबसाइट/पोर्टल को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के निर्देश दिये थे। इस क्रम में भारत सरकार के इलेक्ट्राॅनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अधिकृत आॅडिटर से प्राधिकरण में चालित साफ्टवेयर का CERT-IN (Computer Emergency Response Team-India) की गाइडलाइन के मुताबिक सिक्योरिटी आॅडिट करवाया जा रहा था।

प्रोग्रामर एनालिस्ट राघवेन्द्र मिश्र ने बताया कि इस दौरान संस्था द्वारा समय-समय पर बताये गये उन सभी तकनीकी बिन्दुओं, जिनसे कि साफ्टवेयर की सुरक्षा को खतरा हो सकता था, उनका समाधान किया गया। करीब तीन माह तक किये गये इन प्रयासों के फलस्वरूप प्राधिकरण की वेबसाइट को पूरी तरह सुरक्षित बनाने में कामयाबी हासिल हुई। इस पूरी व्यवस्था की समीक्षा के बाद आज दिनांक-11 नवम्बर, 2021 को उक्त मान्यता प्राप्त आॅडिटर द्वारा लखनऊ विकास प्राधिकरण को सिक्योरिटी आॅडिट सर्टिफिकेट जारी किया गया है।


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