एलडीए वीसी अक्षय त्रिपाठी ने कसे अफसरों व अभियंताओं के पेंच ।
नया आदेश लागू, सील बिल्डिंग की होगी मानिटरिग ,जेई प्रत्येक सप्ताह सर्वे कर देंगे रिपोर्ट ।
अब सील बिल्डिंगों में चोरी-छिपे निर्माण, फिनिशिंग नहीं करा सकेंगे बिल्डर

लखनऊ। अवैध निर्माण के मामले में प्राधिकरण उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने अधिकारियों व इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय की है। अब अवर अभियन्ता अपने क्षेत्र की सील बिल्डिंगों की हर हफ्ते निरीक्षण कर रिपोर्ट देंगे। इसकी निगरानी जोन के विहित प्राधिकारी तथा अधिशासी अभियन्ता करेंगे। उपाध्यक्ष स्वयं हर 15 दिन में बैठक कर समीक्षा करेंगे। इससे सील बिल्डिंग में चोरी-छिपे निर्माण पर अंकुश लगेगा। उपाध्यक्ष ने इस सम्बंध में सोमवार को विहित प्राधिकारियों व इंजीनियरों के साथ बैठक भी की। अवैध निर्माण रोकने के कड़े निर्देश दिए।
उपाध्यक्ष ने प्रत्येक जोन में सील बिल्डिंगों व निर्माणकर्ताओं का ब्यौरा तथा इनसे सम्बन्धित वाद संख्या की पूरी सूची तैयार कराने का निर्देश दिया है। सूची के आधार पर अवर अभियन्ता अपने-अपने क्षेत्र के सील किये गये व्यावसायिक एवं आवासीय भवनों का हर हफ्ते निरीक्षण करेंगे। यह सुनिश्चित करायेंगे कि इन स्थानों पर किसी भी तरह का कोई निर्माण कार्य तो नहीं हो रहा है।
इस दौरान उन्होंने विहित प्राधिकारी तथा अधिशासी अभियन्ताओं को भी फील्ड में निकल कर अवैध निर्माणों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिये। हर 15 दिन में अवैध निर्माणों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। बैठक में प्राधिकरण के सचिव पवन कुमार गंगवार ने शासन को भेजे जाने वाली प्रवर्तन से सम्बन्धित सूचनाओं को पोर्टल पर समय से अपडेट करने को कहा।
उपाध्यक्ष ने इस काम के लिए विहित प्राधिकारी अमित राठौर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। सभी जोन के अधिकारी अपने क्षेत्र की मासिक प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर समय से अपलोड करें। जिसकी समीक्षा विहित प्राधिकारी अमित राठौर करेंगे। वहीं उपाध्यक्ष ने उन बिल्डिंगों ध्वस्त कराने को कहा जिनको गिराने का पूर्व में आदेश हो चुका है।
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