लखनऊ मेट्रो रेल काॅरपोरेशन कोआवश्यक भूमि प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाये: मुख्य सचिव


mail.google.comलखनऊ:  उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने निर्देश दिये हैं कि लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के स्टेशन्स तथा अन्य उपयोगों हेतु विभिन्न राजकीय एवं अर्द्धराजकीय विभागों द्वारा आवश्यक भूमि प्राथमिकता के आधार पर लखनऊ मेट्रो रेल काॅरपोरेशन को उपलब्ध कराई जाये। उन्होंने परियोजना हेतु आवश्यक निजी स्वामित्व की भूमि के अर्जन को त्वरित गति से कराने के लिये भूमि के अर्जन में आ रही समस्याओं के निवारण हेतु मण्डलायुक्त लखनऊ की अध्यक्षता में जिलाधिकारी लखनऊ, नगर आयुक्त लखनऊ व अन्य सम्बन्धित अधिकारियों की एक समिति गठित कर इस सम्बन्ध में तत्काल कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेट्रो के निर्माण हेतु आवश्यक धनराशि का माहवार आकलन कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, ताकि निर्माण में धन की कमी आड़े न आने पाये। उन्होंने उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद, लखनऊ विकास प्राधिकरण तथा उ0प्र0 राज्य औद्योगिक विकास निगम को निर्देश दिये कि मेट्रो के निर्माण हेतु वित्तीय वर्ष 2014-15 की अवशेष व वित्तीय वर्ष 2015-16 हेतु निर्धारित अंशदान तत्काल लखनऊ मेट्रो रेल काॅरपोरेशन को उपलब्ध करायें। उन्होंने लखनऊ मेट्रो के अभी तक हुए कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिये हैं कि आगे भी इसी तत्परता से प्राथमिकता के आधार पर कराया जाये, ताकि निर्धारित समय सारिणी के अनुरूप लखनऊ मेट्रो के कार्यों को पूर्ण कराया जा सके।
प्रबन्ध निदेशक, लखनऊ मेट्रो रेल काॅरपोरेशन द्वारा प्राथमिक सेक्शन पर विभिन्न गतिविधियों को लक्ष्य तिथि दिसम्बर 2016 के अन्तर्गत समाप्त किये जाने हेतु निर्धारित ज्ञमल क्ंजमे के सापेक्ष प्रगति का विवरण भी प्रस्तुत किया गया तथा यह अवगत कराया गया कि अब तक स्थल पर किये गये कार्य निर्धारित समय-सारिणी के अनुरूप हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन श्री सदाकान्त, लखनऊ मेट्रो रेल काॅरपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक श्री कुमार केशव व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

Scroll To Top
Translate »