
राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी में बड़े फेरबदल की खबर सामने आ रही है। कांग्रेस ने जनार्दन द्विवेदी की जगह पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पार्टी में संगठन महासचिव नियुक्त कर दिया है। अशोक गहलोत को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का करीबी माना जाता है। ट्विटर पर शेयर किए गए पोस्ट के जरिए कांग्रेस ने इस बड़े बदलाव की जानकारी दी। साथ ही जनार्दन द्विवेदी का उनके द्वारा पार्टी में दिए गए योगदान के लिए आभार भी जताया।
इसके साथ ही सांसद राजीव सातव को गुजरात का एआईसीसी प्रभारी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह को ओड़िशा और श्री लालजी देसाईं को ऑल इंडिया कांग्रेस सेवा दल का मुख्य आयोजक नियुक्त किया गया है।
पदभार से मुक्त हुए जनार्दन द्विवेदी ने एक बयान में बताया, कि कांग्रेस अध्यक्ष ने महासचिव पद पर उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया है। बता दे, जनार्दन द्विवेदी पिछले कई वर्षों से इस पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
अशोक गहलोत को 3 बार प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष रहने का गौरव प्राप्त हुआ है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उनका पहला कार्यकाल सितम्बर, 1985 से जून, 1989 की अवधि के बीच में रहा। वर्ष 1973 से 1979 की अवधि के बीच श्री गहलोत राजस्थान NSUI के अध्यक्ष रहे और उन्होंने कांग्रेस पार्टी की इस यूथ विंग को मजबूती प्रदान की। श्री गहलोत वर्ष 1979 से 1982 के बीच जोधपुर शहर की जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। इसके अलावा वर्ष 1982 में श्री गहलोत राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (इन्दिरा) के महासचिव भी रहे। अशोक गहलोत 01/12/1998 से 08/12/2003 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे। श्री अशोक गहलोत को 13 दिसम्बर, 2008 को दूसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। 8 दिसम्बर, 2013 के चुनावी नतीजों के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
बता दे, इस साल के अंत में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं ऐसे में अशोक गहलोत के कांग्रेस पार्टी के लिए दिए गए योगदान को देखते हुए हुए पार्टी संगठन का महासचिव नियुक्त किया गया है।
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