लंदन में गिरफ्तारी के बाद माल्या को मिली ज़मानत


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नई दिल्ली: लंदन में विजय माल्या की गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही उन्हें जमानत भी मिल गई. विजय माल्या ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि कोर्ट में प्रत्यर्पण के सिलसिले में उनकी सुनवाई पहले से तय थी. उन्होंने भारतीय मीडिया पर भी टिप्पणी करते हुए ट्वीट किया कि उन्होंने ( भारतीय मीडिया ने) मेरी कोर्ट में पेशी को काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया.

इससे पहले स्कॉटलैंड यार्ड ने विजय माल्या को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जमानत मिली गई.

2016 से फरार चल रहे शराब कारोबारी को वेस्टमिंस्टर अदालत के आदेश पर स्कॉटलैंड यार्ड की पुलिस ने मंगलवार को करीब 9:30 सुबह (भारतीय समयानुसार) गिरफ्तार किया. उनपर भारतीय बैंकों के 9000 करोड़ सहित कुल 12000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज नहीं चुकाने का आरोप है.

जानकारी के मुताबिक आगे की कार्रवाई के लिए सीबीआई की एक टीम लंदन जाएगी. माल्या का ब्रिटेन से भारत में प्रत्यर्पण की संभावना अब बढ़ गई है. उन्हें लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जाएगा. विजय माल्या की गिरफ्तारी वेस्टमिंस्टर कोर्ट के आदेश पर हुई है. भारत सरकार ने 8 फरवरी को विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन की सरकार को अर्जी भेजी थी. जनवरी 2017 में सीबीआई कोर्ट ने माल्या के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था.

किस बैंक पर है कितना कर्ज

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पर 1600 करोड़, पंजाब नैशनल बैंक पर 800 करोड़, आईडीबीआई बैंक पर 800 करोड़, बैंक ऑफ इंडिया पर 650 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा पर 550 करोड़, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया पर 430 करोड़, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 410 करोड़, यूको बैंक पर 320 करोड़, कॉरपोरेशन बैंक पर 310, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर पर 150 करोड़, इंडियन ओवरसीज बैंक पर 140 करोड़, फेडरल बैंक पर 90 करोड़, पंजाब एंड सिंध बैंक पर 60 करोड़ और एक्सिस बैंक पर 50 करोड़ रुपए का कर्ज है.

क्या है मामला

माल्या पर सरकारी बैंकों से लिए गए नौ हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के कर्ज की देनदारी है. माल्या ने करीब 8.2 हजार करोड़ रुपए अपनी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस समेत कई कंपनियों के नाम पर ले रखे थे. बैंकों की शिकायत पर उसके खिलाफ भारत सरकार का प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो समेत कई एजंसियां जांच कर रही हैं. उसके खिलाफ आर्थिक गबन के कई मामले चल रहे हैं. कुछ मामलों में अदालत के निर्देश पर माल्या की कंपनियों के स्वामित्व वाली परिसंपत्तियां जब्त की गई हैं. बैंकों का कर्ज न चुकाने और देश छोड़कर भाग जाने के कारण माल्या के प्रकरण में सरकारी को खासी शर्मिंदगी उठानी पड़ी है. जब बैंकों ने कर्ज वसूली के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया तो माल्या मार्च 2016 में ब्रिटेन भाग गया था.


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