
वित्तीय वर्ष 2019_20 के लिए 2172 रुपए का कुल लक्ष्य निर्धारित किया गया
लखनऊ । मंडी परिषद प्रशासन का रवैया सख्त हो गया है प्रदेश के तेरह संभागों में निर्धारित आय का लक्ष्य प्राप्त ना कर पाने पर उपनिदेशक (प्रशासन,/विपणन ) की चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि करने तथा 14, मंडी सचिवों को भी चेतावनी दी गई है । इसके अलावा प्रयागराज के सचिव को सचेत करते हुए लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए गए हैं ।
मंडी परिषद के अपर निदेशक प्रशासन कुमार विनीत ने बताया कि परिषद द्वारा दो वर्षों ( 2017=18एवं 2018=19) मे अपनी आय 1210 करोड रूपए से बढा कर 1822 करोड़ रुपए अथात पचास प्रतिशत की वृद्धि की गई है । वित्तीय वर्ष 2019_20 के लिए 2172 रुपए का कुल लक्ष्य निर्धारित किया गया है ।
उन्होंने बताया कि माह सितम्बर 2019, तक की समीक्षा मे पाया गया कि प्रदेश के उपनिदेशक प्रशासन / विपणन (डीडीए) द्वारा देखे जाने वाले 13, संभागों , सहारनपुर, आगरा, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर , अलीगढ़, प्रयागराज , बरेली , अयोध्या, गोरखपुर, झांसी , मेरठ, व मुरादाबाद ने निर्धारित आय का लक्ष्य नहीं पूरा कर सके हैं इसके लिए उनको चेतावनी देते हुए 31अक्टूबर 2019,तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं । जिन उपनिदेशकों द्वारा निर्धारित समय तक ऐसा नहीं किया जायेगा उनकी चरित्र पंजिका में उसी के अनुसार प्रविष्टि की जायेगी ।
अपर निदेशक प्रशासन कुमार विनीत ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि 14,मंडी सचिव , कानपुर, शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बदायूं, पुवांया,आगरा, सीतापुर , पीलीभीत , फरुखाबाद , नोएडा , सादाबाद , सिकंदराबाद एवं मवाना भी निर्धारित आय का लक्ष्य नहीं पा सके हैं । इनको भी 31, अक्टूबर का समय लक्ष्य प्राप्त के लिए चेतावनी के साथ दिया गया है । अन्यथा दंड स्वरूप प्रतिकूल प्रविष्टि दी जायेगी ।
श्री कुमार ने बताया कि मंडी परिषद प्रदेश की 251, मंडी समितियों से प्राप्त होने वाली आय से किसानों तथा समितियों मे परियोजनाएं एंव कल्याण कारी योजनाएं संचालित की जा रही है ।
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