नेपीता। भारत ने कहा है कि आतंकवाद से निपटने के लिए दोहरा रवैया नहीं अपनाया जा सकता। भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि आसियान देशों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आतंकियों व अपराधियों को उनके यहां पनाह न मिले। दूसरी ओर, आसियान बैठक से इतर सुषमा स्वराज व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विशेष सहायक तारिक फातमी के बीच आपसी रिश्तों पर सौहार्दपूर्ण ढंग से चर्चा हुई।
स्वराज ने रविवार को आसियान बैठक में कहा कि आज शांति और स्थिरता की सख्त जरूरत है। उन्होंने खुशी जताई कि आसियान देश एक-दूसरे का सभी क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। अब पूरे एशिया को आतंकवाद, विनाशक हथियारों की सुरक्षा व पहुंच सीमित करना, सीमा विवाद, समुद्री विवादों, साइबर क्राइम, पायरेसी, आहार, ऊर्जा और पर्यावरण प्रदूषण जैसी चुनौतियों का मिलकर सामना करना चाहिए।
स्वराज ने यूक्रेन में हमले का शिकार हुए मलेशियाई विमान में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ऐसे मामलों को भारत बातचीत के जरिये सुलझाए जाने के पक्ष में है। गाजा में जारी ¨हसा पर विदेश मंत्री ने अफसोस जाहिर किया। दक्षिण चीन सागर में तनाव को भी उन्होंने वार्ता के रास्ते से सुलझाने की सलाह दी। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने भी कहा था कि जल मुद्दों को भारत और बांग्लादेश ने जिस तरह हल किया है, उसे बतौर नजीर इस्तेमाल किया जा सकता है।
सुषमा स्वराज ने घोषणा की कि नालंदा यूनिवर्सिटी के दो स्कूल अगले महीने से अस्तित्व में आ जाएंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री से चर्चा के दौरान क्रिकेट डिप्लोमेसी आगे बढ़ाने पर सहमति हुई है। न्यूजीलैंड ने अगले साल आयोजित होने जा रहे विश्व कप के दौरान बड़े भारतीय उद्योगपतियों और राजनेताओं को आमंत्रित किए जाने का प्रस्ताव रखा है। स्वराज और जापान के विदेश मंत्री ने अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
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