
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिये एक बार फिर देश की जनता से रू-ब-रू हुए. उन्होंने कार्यक्रम के 29वें संबोधन में कहा कि सर्दी का मौसम अब जाने को है, बसंत के मौसम ने हम सबके जीवन में दस्तक दे दी है. अमीर ख़ुसरो ने मौसम के इस बदलाव के पलों का बड़ा मज़ेदार वर्णन किया है. उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी, महाशिवरात्रि और होली का त्योहार इंसान के जीवन में ख़ुशियों के रंग डालता है. हम फाल्गुन महीने को विदा करने वाले हैं और नये मास चैत्र का स्वागत करने को तैयार बैठे हैं. बसंत ऋतु इन्हीं दो महीनों का संयोग है.
पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश के नागरिकों का इस बात से आभार व्यक्त करता हूँ कि पहले, जब मैं सुझाव माँगता हूं, ढ़ेर सारे सुझाव आते हैं. इस बार शोभा जालान जी ने इसरो की उप्लब्धियों के बारे में जानना चाहा है. उन्होंने कहा कि 15 फ़रवरी,2017 भारत के जीवन में गौरवपूर्ण दिवस है. हमारे वैज्ञानिकों ने विश्व के सामने भारत का सर गर्व से ऊंचा किया है. इसरो ने ‘मंगलयान’ भेजने के बाद पिछले दिनों इसरो ने विश्व रिकॉर्ड बनाया. इसरो ने विभिन्न देशों के 104 उपग्रह अन्तरिक्ष में सफलतापूर्वक लांच किए हैं.
भारत का उपग्रह कार्टोसैट-2डी के माध्यम से खींची हुई तस्वीरों से संसाधनों की मैपिंग, आधारभूत ढांचे की प्लानिंग में मदद मिलेगी.
ख़ास करके किसान को देश में जो सभी जल स्रोत है, वो कितना है,उसका उपयोग कैसे हो सकता है इन सारे विषयों पर कार्टोसेट-2डी बहुत मदद करेगा. हमारे लिये ये भी ख़ुशी की बात है कि इस सारे अभियान का नेतृत्व, हमारे युवा वैज्ञानिक, हमारी महिला वैज्ञानिक, किया है. इस सिलसिले में एक महिला शोभा जी ने एक और भी सवाल पूछा है और वो है भारत की सुरक्षा के संबंध में, भारत ने एक बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है, उसके विषय में. भारत ने रक्षा के क्षेत्र में भी बैलिस्टिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया है.
इंटरसेप्टर टेक्नोलॉजी वाले इस मिसाइल ने ट्रायल के दौरान ज़मीन से 100 कि.मी. की ऊँचाई पर दुश्मन की मिसाइल को ढेर कर सफलता पाई. दुनिया के चार या पाँच ही देश हैं कि जिन्हें ये महारत हासिल है. भारत के वैज्ञानिकों ने ये करके दिखाया. इसकी ताक़त है कि 2000 किमी दूर से भी भारत पर आक्रमण के लिये मिसाइल आती है तो ये मिसाइल अंतरिक्ष में ही उसको नष्ट कर देती है. हमारी युवा-पीढ़ी का विज्ञान के प्रति आकर्षण बढ़ना चाहिए. देश को बहुत सारे वैज्ञानिकों की ज़रूरत है. नीति आयोग एवं भारत के विदेश मंत्रालय ने 14वें प्रवासी भारतीय दिवस के समय एक बड़ी विशिष्ट प्रकार की प्रतिस्पर्द्धा की योजना की थी.
जो विशिष्ट बुद्धि प्रतिभा रखते हैं, वो जिज्ञासा को जिज्ञासा नहीं रहने देते, उनकी जिज्ञासा नई खोज का कारण बन जाती है. उनको तरजीह देने के लिए समाज उपयोगी नवाचार को आमंत्रित किया गया. ऐसे नवाचार को चिन्हित करना, उसको प्रदर्शन करना और उसको लोगों को जानकारी देना.
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