
नई दिल्ली: दिल्ली और एनसीआर के गैस चैम्बर बनने से हर तरफ लोग परेशान हैं. लोग बेहाल है. सरकारें परेशान हैं और आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी जारी है.
इन सबके के बीच आज एक बार फिर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी की एनजीटी में इस गंभीर मुद्दे पर सुनवाई हुई. सुनवाई करते हुए एनजीटी ने केंद्र, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सरकार को फटकार लगाई है.
हालांकि प्रदूषण मामले की सुनवाई 8 नवम्बर को होनी थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए एनजीटी ने आज ही सुनवाई कर ली. सुनवाई के दौरान एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि हेलीकाप्टर से पानी छिड़काव की योजना का क्या हुआ ? आपने अबतक पानी का छिड़काव शुरू क्यों नहीं किया.
प्रदूषण फैलाने और एनजीटी के आदेश का उल्लंघन करने वाले लोगों पर भी एनजीटी ने सराकरा से सवाल पूछा है कि ऐसे लोगों के खिलाफ अबतक क्या कार्रवाई हुई है. एनजीटी ने सरकार से यह भी पूछा है कि दिल्ली में प्रदूषण में कमी लाने के लिए क्या-क्या उपाय किए जा रहे हैं ?
पंजाब में 70 फीसदी जमीन पर किसानों की तरफ से लगाई गई आग पर भी एनजीटी ने सरकार को खरी-खरी सुनाई है. एनजीटी ने कहा है कि क्या प्रदूषण को कम करना हम सबकी ज़िम्मेदारी नहीं हैं.
एनजीटी ने नगर निगमों को फटकार लगाते हुए कहा है कि नगर निगम को पहले भी निर्देश दिया गया था कि सफाई के लिए मशीनें खरीदें. लेकिन अभी कर इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस बीच एनजीटी ने दिल्ली सरकार के ऑड इवन फॉर्मूले पर भी टिप्पड़ी करते हुए कहा कि दिल्ली में प्रदूषण को रोकने में सरकार का ऑड इवन भी सफल नहीं रहा.
अब कल यानी 8 नवम्बर को एक बार फिर एनजीटी में प्रदूषण मामले पर सुनवाई होगी. जिसमें केंद्र. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी और राजस्थान सरकार को बताना होगा कि उन्होंने इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए अब तक क्या कदम उठाये हैं.
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