
नई दिल्ली| स्वतंत्रता दिवस के बाद मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में विस्तार हो सकता है। कैबिनेट विस्तार में कई नए चेहरों को स्थान मिल सकता है। गौरतलब है कि वेंकैया नायडू और मनोहर पर्रिकर के इस्तीफे और पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे के निधन के बाद मोदी कैबिनेट में तीन अहम मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार दूसरे मंत्रियों को सौंप दिया गया था। इससे पहले साल 2014 में पहला केंद्रीय कैबिनेट विस्तार हुआ था। जिसमें 21 चेहरों को शामिल किया गया था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 अगस्त को मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं। इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ नए चेहरों को तवज्जो मिलने की संभावना है, वहीं अगले साल जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं उनका भी खास खयाल रखा जा सकता है। बिहार में राजनीतिक उठापटक के बीच एनडीए में शामिल हुए जदयू को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान मिलने की पूरी संभावना है।
वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का उम्मीदवार घोषित होने के बाद कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। वेंकैया नायडू के पास तीन मंत्रालयों की जिम्मेदारी थी, जिसमें सूचना प्रसारण मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय और गरीबी उन्मूलन मंत्रालय शामिल हैं। फिलहाल सूचना प्रसारण मंत्रालय की जिम्मेदारी स्मृति ईरानी संभाल रही हैं, जिनके पास टेक्सटाइल मिनिस्ट्री पहले से है।
अरुण जेटली पहले से ही वित्त मंत्रालय के साथ रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। मनोहर पर्रिकर के इसी साल गोवा के मुख्यमंत्री बनने से रक्षा मंत्री का पद खाली हुआ था। वहीं पर्यावरण मंत्री अनिल दवे का निधन होने से हर्षवर्धन को पर्यावरण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। हर्षवर्धन पहले से विज्ञान मंत्रालय संभाल रहे हैं। गौरतलब है कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में अगले चार-पांच महीने में चुनाव है और दो सालों के अंदर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक समेत कई अहम राज्यों मे चुनाव होना है।
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