मोदी ने अमेरिका को सुनाई गुजरात के विकास की कहानी


अहमदाबाद । भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार व गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमर्जिग मार्केट फोरम के जरिये सोमवार को अमेरिका को बताया कि भारत को महज एक बाजार समझना भूल होगी।

उन्होंने भारत जैसे मानव संसाधन से परिपूर्ण देशों को उभरते हुए विकास केंद्र कहा। साथ ही गुजरात के विकास की कहानी भी सुनाई।

मोदी ने बताया कि पानी व बिजली के संकट से जूझ रहे गुजरात को उन्होंने कैसे एनर्जी सरप्लस व पानीदार गुजरात बनाया। उन्होंने समरसता व सुशासन को लोकतंत्र की आत्मा बताया।

गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास से मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सोमवार की शाम वाशिंगटन में ‘इमर्जिग मार्केट फोरम’ को संबोधित किया। ‘लोकतंत्र में प्रभावी शासन’ विषय पर मोदी ने कहा कि जनता की सरकार के रूप में लोकतंत्र श्रेष्ठ शासन प्रणाली है। भारत जैसे विविधता भरे देश में लोकतंत्र से बेहतर दूसरी कोई शासन व्यवस्था नहीं हो सकती।

परोक्ष रूप से केंद्र सरकार को नसीहत देते हुए मोदी ने कहा कि जनभागीदारी व जनविश्वास से ही इस व्यवस्था में कोई सरकार कायम रह सकती है। चुनाव जीतने के बाद सरकारों को यह नहीं मान लेना चाहिए कि उसे पांच साल का ठेका मिल गया है बल्कि उसे खुद को जनता का रखवाला व प्राकृतिक संसाधनों का ट्रस्टी समझना चाहिए। इन मुद्दों के जरिये मोदी ने केंद्र सरकार के घोटालों की ओर इशारा करने का प्रयास किया।

मोदी ने देश व दुनिया को गुजरात के विकास की कहानी बताते हुए कहा कि गति, कौशल व एक पैमाना तय करके चलने से ही बेहतर शासन दिया जा सकता है। उन्होंने सत्ता में आते ही स्मार्ट सिटी, पोर्ट सिटी व सैटेलाइट कम्युनिकेशन पर बल दिया। जनता के विश्वास व जनभागीदारी के साथ काम करते हुए उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग किया।

मोदी ने दिए अच्छे शासन के पांच सूत्र

1 समरसता – गुजरात में बनाई 5 हजार से अधिक समरस ग्राम पंचायतें

2 जनप्रतिनिधित्व – जनभागीदारी : प्रदेश की हर योजना में जनभागीदारी

3 संस्थागत ढांचे का विकास – राज्य की संस्थाओं को मजबूत बनाया

4 सूचनाओं का आदान-प्रदान – गांवों तक ब्रॉडबैंड सुविधा देकर बढ़ाई सूचना तकनीक

5 जनसुनवाई – जनशिकायतों का ऑनलाइन निपटारा।


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