
मेरठ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लडाई जारी रखने का एलान करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश के विकास के लिए ‘स्कैम ‘मुक्त करना जरुरी है। राज्य विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए आज यहां मोदी ने विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए जनता को ‘स्कैम’ का मतलब भी समझाया।
उन्होंने कहा,‘‘स्कैम यानि SCAM। S का मतलब है समाजवादी, C का मतलब है कांग्रेस, A का मतलब अखिलेश और M का मतलब मायावती है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के लिए स्कैम से मुक्ति पाना जरुरी है। जनता को तय करना पड़ेगा कि उसे स्कैम चाहिए या विकास। नौजवानों को रोजगार के लिए स्कैम को दरकिनार करना ही पड़ेगा।
उन्होंने कटाक्ष किया कि पूरे दिन पापा, चाचा, मामा, पिता, भतीजा में फंसा रहने वाला उत्तर प्रदेश का विकास नहीं कर सकता। राज्य को बेहाल कर दिया है। उन्होंने कहा, Þभ्रष्टाचार के खिलाफ मेरी लडाई जारी रहेगी। जब तक मैं हूं चैन से नहीं बैठूंगा और न ही लुटेरों को बैठने दूंगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई रुकने वाली नहीं है। मैं ताकतवर लोगों से लड़ रहा हूंं, मोहल्ले की कुश्ती नहीं। देश को बेइमानों से मुक्ति दिलाने के लिए आर्शीवाद दीजिये।
मोदी ने ‘स्कैम’ के खेल को हमेशा के लिए नेस्तनाबूद करने के लिए वोट का सही प्रयोग करने की अपील की और कहा कि राज्य में खुशहाली के लिए परिवर्तन लाना जरुरी है। राज्य में सुख चैन लाने के लिए ‘स्कैम’ से छुटकारा पाना ही होगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का आलम यहां तक पहुंच गया है कि कर्नाटक के एक मंत्री के यहां 150 करोड रुपये बरामद हुए लेकिन शर्म की बात है कि कांग्रेस ने उसे अभी तक मंत्री बनाकर रखा है। कांग्रेस पता नहीं किस मुंह से भ्रष्टाचार खत्म करने की बात करती है।
आजादी के आंदोलन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ की धरती 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की गवाह है। अंग्रेजो से देश को मुक्त कराने के लिए क्रांतिकारियों ने यहीं से बिगुल फूंका था, उन्हें खुशी है कि प्रचार का बिगुल फूंकने का यहीं से मौका मिला। उस समय अंग्रेजों से लडाई लडी गयी थी और इस समय भ्रष्ट शासकों और गरीबी से मुक्ति के लिए लडाई लडी जा रही है। उनकी लडाई भ्रष्टाचार, गुंडाराज, बहन-बेटियों की इज्जत लूटने वालों को शरण देने वालों के खिलाफ है। यह लडाई वह अंतिम दम तक जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि इस राज्य के पास अकूत प्राकृतिक संपदा और काम करने वाले मजबूत हाथ हैं, फिर भी रोजी-रोटी के चक्कर में नौजवानों को यहां से पलायन करना पड़ रहा है। ढाई साल में केन्द्र सरकार ने गरीबों, किसानो, महिलाओं, शोषित और पीडित के लिए काफी काम किया, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना है। उन्हें यूपी का कर्ज चुकाना है, लेकिन इसके लिए बाधा डालने वाली राज्य सरकार को हटाना ही पडेगा। दिल्ली से चली योजनाएं लखनऊ में लटक जाती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि माताओं-बहनों की बीमारी के लिए केन्द्र ने 2014-15 में चार हजार करोड़ रुपये दिये, लेकिन इस राज्य में ढाई हजार करोड़ रुपये भी खर्च नहीं हो पाये। पिछले वित्तीय वर्ष में सात हजार करोड़ रुपये दिये। साल बीत गया लेकिन ढाई हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च नहीं हो पाया क्योंकि मरीजों में भी जातिवाद देखा जा रहा है। सरकार बनाने में मदद करने वाली जातियां आती तो यह पैसे खर्च हो सकते थे। बीमार को भी वोटबैंक मानकर चलने वाले लोगों से निजात पानी ही होगी। शहरों के विकास के लिए शुरु की गयी ‘अमृत योजना’ के तहत केन्द्र ने उत्तर प्रदेश को 7200 करोड़ रुपये दिये। साल पूरा हो गया और खर्च हुआ केवल चार सौ करोड़ रुपये। उन्होंने कटाक्ष किया कि ऐसा नहीं है कि राज्य सरकार पैसे खर्च नहीं करना चाहती थी लेकिन उन्हें पता है कि दिल्ली में मोदी बैठा है और वह पाई-पाई का हिसाब मांगेगा, इसलिए राज्य सरकार को पसीना छूट रहा था।
मोदी ने कहा कि ‘स्कैम’ गोटी बिछाकर केवल अपनी सरकार बनाने में लगा हुआ है। उसे उत्तर प्रदेश के विकास से कोई लेना देना नहीं हैं। उनके इरादे नेक नहीं हैं। प्रदेश का विकास चाहते तो खनन माफिया को टिकट नहीं देते। केनद्र सरकार ने प्रदेश में स्वच्छता अभियान के लिए 950 करोड रुपये दिये लेकिन खर्च हुआ केवल 40 करोड रुपये। राज्य सरकार की नीयत में खोट है, इसलिए विकास के अलावा उनका ध्यान अन्य चीजों पर है।
मोदी ने सपा-कांग्रेस गठबन्धन पर चुटकी ली और कहा कि एक दूसरे को हर समय कोसने वालों को बताना चाहिए कि रातोंरात ऐसा क्या हो गया कि गले मिल गये। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने प्रदेश में यात्रा निकालकर सपा सरकार पर कई आरोप लगाये थे। कानून व्यवस्था को चौपट करार दिया था। राज्य सरकार को लुटेरा बताया गया था। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘राजनीतिक गठबन्धन कई बार हुए हैं लेकिन यह पहला ऐसा गठबन्धन है जिसमें एक दूसरे को खत्म करने का मौका नहीं छोडऩे वाले गले मिल गये हैं। इन्हें पहचानना होगा क्योंकि यह जनता की भलाई के लिए नहीं मिले हैं बल्कि कुर्सी हथियाने की कोशिश में एक हुए हैं।’
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