
डीएम कानपुर की तहरीर पर एसटीएफ ने तीन ठगों को दबोचा
लखनऊ,। प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी का सचिव बनकर अफसरों को धमकाने वाले नटवरलाल को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। डीएम कानपुर ने लखनऊ के अलीगंज थाने पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। एसटीएफ का कहना है कि तीना ठगों को दबोचा गया है। उनके पास से सिम और मोबाइल बरामद किए गए हैं। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री योगी के नाम पर अफसरों को फोन करने वाले तीन ठगों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी सिम लेकर डीएम से लेकर एसएसपी तक को फोन पर कंपनियों पर छापा मारने का हुक्म देते थे। इतना ही नहीं ठगों ने ट्रू कॉलर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम भी डाल रखा था ताकि कोई उन पर शक न कर सके। डीआईजी एसटीएफ मनोज तिवारी ने बताया कि बीते दो से तीन महीनों से एक गिरोह सक्रिय था जो मु यमंत्री का निजी सचिव बनाकर कारोबारियों से धन उगाही का काम कर रहा था। लेकिन उनके बारे में कुछ खास जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसी बीच ठग ने डीएम कानपुर को फोन कर वहीं के एक प्रतिष्ठिड्ढत कंपनी पर छापा मारने को बोला। आरोपी ने खुद को मुख्यमंत्री का सचिव बताया था। लेकिन जब डीएम को शक हुआ तो उन्होंने अपने स्तर से पड़ताल की तो पता चला फोन लखनऊ के अलीगंज से किया गया है जबकि सिम फर्जी नंबर से लिया गया है।
डीएम ने अलीगंज थाने पर मुकदमा दर्ज कराया और मामले की जांच एसटीएफ को दी गई। एसटीएफ को जांच के दौरान सुराग मिला कि ठग अलीगंज के कपूरथला के पास मौजूद है जिन्हें एसटीएफ ने तत्काल पहुंच कर दबोच लिया। आरोपियों ने अपना नाम इलाहाबाद के ओसा कंघियारा गांव निवासी अतीश कुमार मिश्रा, जनपद बस्ती के बंथला गांव निवासी हनुमान शुक्ला और गोंडा के मन्नी पुरवा गांव निवासी राहुल उपाध्याय है। अतीश कुमार मिश्रा ने बताया कि उसने ही व्यापारियों से ठगी की योजना बनाई थी और अपने दो साथियों को साथ में रखा था। ठग अतीश कुमार मिश्रा ने बताया कि वह पहले कारोबारियों को फोन करता था। उन पर घपले का आरोप लगातार रुपए की मांग करता था। जब उसे पैसे नहीं मिलते थे तब वह वहां के जिलाधिकारी व श्रम आयुक्त को फोन कर कंपनियों कारखानों पर छापा मारने का हुक्म देता था। एसटीएफ डीआईजी मनोज तिवारी ने बताया कि पकड़े गए ठगों में राहुल उपाध्याय बस्ती में एक अपहरण के मामले में जेल भी गया था। राहुल ने पूर्व कैबिनेट मंत्री अमनमणि त्रिपाठी के कहने पर एक व्यक्ति का अपहरण का उनके फार्म हाउस पर बंधक बना रखा था। आरोपियों ने एयरसेल कंपनी का सिम लिया था। जबकि आईटी की जानकारी कर मोबाइल के ट्रू कॉलर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिख लिया था।
ठग जब भी किसी अधिकारी या व्यापारी को फोन करते थे तो ट्रू कॉलर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिखकर आता था। जिसके बाद वह अधिकारियों को अर्दब में लेता था। आरोपियों ने पूछताछ में यह भी बताया कि वह बड़े -बडे कारोबारियों का नंबर हासिल कर उन्हें फोन करता था और उन्हें सरकार में मंत्री बनवाने का भी झंासा देता था। ऐसा उसने कई कारोबारियों के साथ किया था। हालांकि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं हो सकी है कि आरोपियों ने कितनी धन उगाही की है।
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