वाशिंगटन। भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे की पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क में गिरफ्तारी और बदसलूकी किए जाने के मामले में अमेरिका ने माफी मांगने और केस वापस लेने से साफ इन्कार कर दिया है।
अमेरिकी गृह विभाग की प्रवक्ता मेरी हर्फ ने देवयानी मामले में बिना शर्त माफी मांगने और केस वापस लेने की भारत की मांग को ठुकराते हुए कहा कि हमने आरोप को गंभीरता से लिया है। हम किसी भी सूरत में मामले से पीछे नहीं हट सकते और न ही अपनी एजेंसियों के कामों में दखल दे सकते हैं। वास्तव में यह कानून के पालन करने का मुद्दा है। पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या देवयानी को छोड़ दिया जाएगा और अमेरिकी अदालत को आरोप खारिज करने के लिए कहा जाएगा, हर्फ ने कहा नहीं। मुझे राजनयिक के खिलाफ शिकायत की विस्तृत जानकारी नहीं है और न ही मुझे पता है कि कोई इस पर विचार कर रहा है। यद्यपि, हम निश्चित रूप से ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हैं, लेकिन हम मुकदमे को वापस लेने या न लेने के बारे में निर्णय ले सकते हैं।
हर्फ ने कहा कि हम प्रति वर्ष सभी देशों को डेप्लोमेटिक नोट्स के जरिये सूचित करते हैं कि अमेरिका आने वाले सभी कर्मचारियों का दायित्व संबंधित देशों के ऊपर होगा। उन दायित्वों से स्पष्ट है कि हम किसी भी आरोपों को बहुत गंभीरता से लेते हैं। इसलिए निश्चित ही ऐसी चर्चाएं (माफी मांगने और केस वापस लेने) हो रही हैं वह नहीं होनी चाहिए।
भारत के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा अपने अमेरिकी समकक्ष जॉन कैरी के बीच फोन पर सीधी बातचीत के दावे पर हर्फ ने कहा कि दोनों के बीच ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है।
गौरतलब है कि भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे पर अपनी नौकरानी को वीजा दिलाने में गलत सूचना देने का आरोप है। इसी सिलसिले में अमेरिकी पुलिस ने उन्हें पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया था। देवयानी का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें हथकड़ी लगाई, कपड़े उतारकर तलाशी ली और गंभीर अपराधियों व नशेड़ियों के साथ हवालात में बंद रखा। बाद में उन्हें जमानत दे दी गई। भारत का आरोप है कि वियना संधि के तहत राजनयिक को छूट मिली है जिसका अमेरिका में ख्याल नहीं रखा गया। विवाद के बाद देवयानी को संयुक्त राष्ट्र में स्थानांतरित कर दिया गया है।
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