मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस आवास निगम किया गया और अधिक चुस्त-दुरूस्त, तो घाटे से उबर कर लाभ मे पहुंचा


पुलिस आवास निगम को मिली मुख्यमंत्री की घोषणा के अन्तर्गत पुलिस विभाग के 155 निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी, शासन द्वारा 100647 लाख रूपये से अधिक की धनराशि मंजूर की गई ,महिला पुलिस कर्मियों के लिए आवासीय व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरूस्त व प्रभावी बनाया गया है तथा निगम द्वारा किये जाने वाले निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुये उनके समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल दिया गया है। इसके फलस्वरूप घाटे में चल रहा यह निगम अब लाभ की ओर अग्रसर है। अपर मुख्य सचिव (गृह) श्री अवनीश कुमार अवस्थी की अध्यक्षता में आज लोक भवन में पुलिस आवास निगम द्वारा किये जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी गयी। उन्होने पुलिस आवास निगम को दिये गये निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करते हुए उनके समयबद्ध रूप से पूर्ण किये जाने के निर्देश देते हुये बताया कि शासन द्वारा निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त धन की व्यवस्था की जा रही है।

पुलिस आवास निगम के अपर पुलिस महानिदेशक/सी.एम.डी. श्री हरि राम शर्मा ने बताया कि वर्ष 2017-18 में जहाॅ यह निगम 11 करोड़ तथा 2018-19 में रु0 08 करोड़ के घाटे में चल रहा था, वही वर्ष 2019-20 के अगस्त माह से यह निगम लाभ की ओर अग्रसर हुआ है। वर्तमान समय में घाटे की बजाय एक करोड़ के लाभ में पहुॅच गया है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की आठ निर्माण इकाईयाॅ क्रमशः मेरठ, आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और गोण्डा में स्थित हैंैै। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित किये गये पुलिस विभाग के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण कार्य के तहत पुलिस आवास निगम द्वारा कुल 155 निर्माण कार्य किये जा रहे हैं। इसके तहत 29 फायर स्टेशनों, 17 थानों व 7 पुलिस चैकियों के आवासीय एवं अनावासीय भवनों का निर्माण कार्य निगम द्वारा किया जा रहा है। साथ ही 44 जनपदों की पुलिस लाइन्स के महिला हाॅस्टल/बैरक (जी़3) के 44 कार्य तथा 44 जनपदों की पुलिस लाइन्स के बहुमंजिला भवन से सम्बन्धित 58 निर्माण कार्य निगम द्वारा कराये जा रहे हैं।

शासन द्वारा महिला पुलिस कर्मियों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता पर आवासीय व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये है। बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा पुलिस आवास निगम को उक्त 155 कार्यों हेतु रु0 100647 लाख की धनराशि मंजूर की गयी है, जिसमें से अब तक रु. 15761 लाख की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। पुलिस आवास निगम द्वारा अब तक रु0 7105 लाख से अधिक की धनराशि निर्माण कार्यो पर व्यय की जा चुकी है। बैठक में जानकारी दी गयी कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्यो में अपेक्षित प्रगति अप्रैल, मई में कोविड-19 के कारण प्रभावित हुई, जिसकी पूर्ति हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम के अधिकारियों ने बैठक में किये जा रहे कार्यों का विस्तृत ब्यौरा देते हुये बताया कि जिन जिलों की पुलिस लाइन्स में महिलाओं के लिए बैरक निर्माण कार्य किया जा रहा है, उनके नाम क्रमशः हमीरपुर, मुजफरनगर, लखनऊ, रामपुर, हाथरस, उन्नाव, मऊ, फिरोजाबाद, बरेली, मेरठ, गोरखपुर, मैनपुरी, कानपुर देहात, एटा, आगरा, अलीगढ़, बदायूॅ, मथुरा, पीलीभीत, अयोध्या, बिजनौर, गौतमबुद्धनगर, ललितपुर, जालौन व फतेहगढ़ हैं। इसके अलावा कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, मुरादाबाद, बिजनौर में पुरूषों के लिए पुलिस लाइन्स में बैरक निर्माण कार्य किया जा रहा है।

बैठक में गृह सचिव, श्री तरूण गाबा के अलावा गृह, पुलिस व पुलिस आवास निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।


Scroll To Top
Translate »