गवर्नर के आदेश पर , मंत्री रविदास का जालसाज़ पूर्व पीआरओ दबोचा गया


 

 

 

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लखनऊ: राज्यपाल के आदेश पर कबीना मंत्री रविदास मेहरोत्रा के पूर्व पीआरओ अभिषेक निगम को गिरफ्तार कर लिया गया है। निगम को  क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया। अभिषेक निगम पर सैकड़ों लोगों से ठगी करने का आरोप है। अभिषेक खुद को सत्ताधारी समाजवादी पार्टी और मंत्रियों का करीबी बता कर लोगों से ठगी करता था।
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेताओ के साथ कंधे से कंधा मिला कर चलने वाला जालसाज़ अभिषेक निगम अब पुलिस की गिरफ्त में है।
जालसाज़ को क्राइम ब्रांच ने गर्वनर के आदेश के बाद गिरफ्तार किया है।आरोप है कि अभिषेक लोगों से सरकारी टेंडर और निजी काम कराने के एवज़ में भारी रकम वसूलता था।  सत्ता में अपनी दखल के बूते अभिषेक कभी काम करवा भी देता था, तो कभी बिना काम कराये ही पैसे डकार जाता था। पीड़ित जब इस धोखे की शिकायत पुलिस से करते थे, तो नटवरलाल अभिषेक खुद को सत्ताधारी दल का करीबी बता कर रौब गांठने लगता था। धौंस के बल पर अब तक यह नटवरलाल पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा था।
अभिषेक निगम कई बड़े नेताओं और खुद मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवा कर लोगो को फांसने में माहिर था। उसके खिलाफ राजधानी के कई थानों में धोखाधड़ी और घोटाले के मुक़दमे दर्ज हैं। मगर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अभिषेक ने लखनऊ में अमीनाबाद के एक व्यापारी से कानपुर डीएम को 2 करोड़ की साड़ियों की सप्लाई के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी की थी।
लेकिन इस बार अभिषेक को दिल्ली के एक शख्स को ठगना मंहगा पड़ गया।अभिषेक ने दिल्ली निवासी सूरी से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी कर ली।सूरी ने यूपी के राज्यपाल राम नाईक से इसकी शिकायत की।जिसके बाद गवर्नर ने एसएसपी मंज़िल सैनी को मामले में तत्काल एक्शन लेने का आदेश दिया।
गवर्नर के आदेश के बाद एसएसपी मंज़िल सैनी ने हज़रतगंज पुलिस और क्राइम ब्रांच को संयुक्त रूप से जालसाज को पकड़ने का ज़िम्मा सौंपा। हज़रतगंज कोतवाली में ठग अभिषेक निगम के साथ 4 अन्य लोग भी नामजद भी किये गए हैं। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पायी है।काबीना मंत्री रविदास मेहरोत्रा के पीए अमित यादव ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।ऐसा तब है, जब खुद जालसाज़ अभिषेक निगम कबीना मंत्री के साथ कई बार सार्वजनिक मंच साझा कर चुका है।

 


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