उप्र सरकार के जबरिया सेवानिवृत्ति की कोशिश का विरोध होगा —–शैलेन्द्र दुबे


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हड़ताल पर प्रतिबन्ध और जबरिया सेवानिवृत्ति आदेश दहशत फैलाने की कोशिश

 

लखनऊ।बिजली इन्जीनियरों ने उप्र सरकार के जबरिया सेवानिवृत्ति की कोशिश का विरोध करते हुए मुख्य मन्त्री योगी आदित्य नाथ से अपील की है कि मुख्य सचिव द्वारा जारी किये गए आदेश को तत्काल वापस लिया जाए द्य बिजली इन्जीनियरों ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों की ज्वलन्त समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ही नौकरशाही द्वारा जबरिया सेवा निवृत्ति का शगूफा छोड़ा गया है। बिजली निगमों में हड़ताल पर प्रतिबन्ध और जबरिया सेवानिवृत्ति आदेश कर्मचारियों में दहशत फैलाने की कोशिश है ।

आल इण्डिया पावर इन्जीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे , उप्रराविप अभियन्ता संघ के अध्यक्ष जी के मिश्र , महासचिव राजीव सिंह एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम प्रकाश ने आज यहाँ जारी बयान में कहा कि जबरिया सेवा निवृत्त करने का कोई ठोस मापदण्ड नहीं है और यह पूरी तरह अन्यायपूर्ण व मनमानी प्रक्रिया है जिसका हर स्तर पर प्रबल विरोध किया जाएगा द्य उन्होंने कहा कि विगत में देखा गया है कि वार्षिक गोपनीय आख्या के आधार पर जबरिया सेवा निवृत्ति दी गयीं जिन्हे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया ऐसे में पुनः मुख्य सचिव द्वारा जारी किये गए आदेश से कर्मचारियों में दशत फैलाने की कोशिश की जा रही है जिससे वे अपने जायज हकों के लिए आवाज न उठा पाएं।

बिजली इन्जीनियरों ने कहा कि वार्षिक गोपनीय आख्या लिखने का कोई आब्जेक्टिव आधार नहीं है ऐसे में अधिकतर वार्षिक गोपनीय आख्या व्यक्तिगत खुशी और नाराजगी पर लिखी जाती हैं जिनके आधार पर जबरिया सेवानिवृत्त करना सरासर अन्यायपूर्ण है जिसका सशक्त प्रतिकार किया जाएगा द्य उन्होंने ने कहा कि पहले बिजली निगमों में हड़ताल पर प्रतिबन्ध लगाना और अब जबरिया सेवा निवृत्ति के आदेश जारी करने से कर्मचारियों व् अभियंताओं में भारी गुस्सा है ।यदि किसी को भी जबरिया सेवा निवृत्त करने की कोशिश की गयी तो इससे उत्पन्न होने वाली औद्योगिक अशान्ति के लिए सरकार जिम्मेदार होगी
विरोध जरूरी ।


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