उफा (रूस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में बृहस्पतिवार को अपने भाषण के दौरान चीन को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने आतंकवाद के प्रायोजकों, गुटों या देशों में बगैर किसी भेदभाव के इसके खिलाफ एकजुटता के साथ लड़ने का आह्वान किया।
चीन ने पिछले माह संयुक्त राष्ट्र में मुंबई हमले के मास्टर माइंड जकीउर रहमान लखवी की रिहाई पर पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के भारत के प्रस्ताव पर अड़ंगा लगा दिया था। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने यहां कहा, ‘शांति और स्थायित्व सामाजिक और आर्थिक उन्नति की बुनियाद हैं।
आतंकवाद की मौजूदा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटना हमारी जिम्मेदारी है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी इस भाषण को सुन रहे थे। मोदी ने कहा कि हमें हर हाल में आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा। हमें ऐसा ब्रिक्स के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अन्य देशों के गुटों के स्तर पर भी करना होगा।
मोदी की इस टिप्पणी को लखवी की रिहाई के मुद्दे पर चीन के अपनाए गए रुख को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीन ने लखवी के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में भारत द्वारा दी गई जानकारी को अपर्याप्त बताकर प्रस्ताव में अड़ंगा लगाया था। बुधवार की शाम चिनफिंग से मुलाकात के दौरान भी मोदी इस मुद्दे पर चीन के समक्ष उठा चुके हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन में मोदी ने कहा कि हर किसी को अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानदंडों का पालन करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने दुनिया की मौजूदा वास्तविकताओं के अनुरूप व प्रासंगिक बनाने के लिए के लिए संयुक्त राष्ट्र के स्वरूप में तत्काल सुधार की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जल्द से जल्द सुधार कर के ही किसी तरह की सामाजिक व आर्थिक चुनौतियों से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि खासकर ब्रिक्स देशों के बीच आम सहमति और सहयोग से ही वैश्विक चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
– See more at: http://www.jagran.com/news/national-fight-against-terror-should-not-be-bias-narendra-moodi-12576273.html?src=p1#sthash.Lc6YtF2c.dpuf
https://rashtriyadinmaan.com
