
नराकास, सिंगरौली की 8वीं बैठक के अध्यक्षीय उद्बोधन में एनसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक ने दिए हिंदी को नया गर्व दिलाए जाने के मंत्र
सिंगरौली | कार्यालयीन कामकाज में हिंदी का अलख जगाए जाने हेतु व्यक्तिगत प्रयासों को सबसे अहम बताते हुए भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफीलड्स लिमिटेड (एनसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) श्री प्रभात कुमार सिन्हा ने उम्मीद जाहिर की है कि आने वाले समय में सिंगरौली नगर में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं उत्थान में सिंगरौली स्थित केंद्रीय सरकार के संस्थान अहम भूमिका निभाएंगे। श्री सिन्हा मंगलवार को ‘नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), सिंगरौली’ की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
एनसीएल के अमलोरी क्षेत्र में आहूत नराकास, सिंगरौली की 8वीं बैठक में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने अपनी विदेश यात्राओं के अनुभव साझा करते हुए कहा कि हमें अपनी मातृभाषा एवं राजभाषा हिंदी के प्रयोग में संकोच की भावना छोड़नी चाहिए, क्योंकि आज भारतीय विदेश में जाकर गर्व से अपनी मातृभाषा में वार्तालाप कर रहे हैं। तकनीकी कार्यों की अंग्रेजी शब्दावली के हिंदी रूपांतर को एक कठिन एवं दूरूह कार्य बताते हुए उन्होंने तकनीकी शब्दावली के हिंदी रूपांतर कोष को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने नराकास सिंगरौली की छमाही पत्रिका ‘मंथन’ के चौथे अंक का विमोचन किया और सदस्य कार्यालयों से अपील की कि वे इस पत्रिका में अपने संस्थानों से जुड़े अधिक से अधिक आलेखों का योगदान दें ताकि सिंगरौली नगर में हिंदी के प्रयोग एवं प्रचार-प्रसार को नई दशा एवं दिशा मिल सके और हम अपनी समेकित जिम्मेदारी को मुकम्मल कर सकें। उन्होंने अपील की कि लोग स्वयं हिंदी में कार्य करें और अपने सहयोगियों को इसके लिए प्रेरित भी करें।
कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि अपने उद्बोधन में एनसीएल की निदेशक (कार्मिक) सुश्री शांतिलता साहू ने कहा कि हिंदी की प्रगति से राष्ट्र की अस्मिता एवं प्रतिष्ठा जुड़ी है और यदि हम सामूहिक रूप में इस दिशा में प्रयासरत होंगे, तभी हिंदी की प्रगति सुनिश्चित हो पाएगी। उन्होंने हिंदी की प्रगति के लिए बैठक में आए सभी सुझावों को अमल में लाए जाने की अपील सदस्य कार्यालयों से की। सदस्य कार्यालयों में कंप्यूटर के द्विभाषी तरीके से इस्तेमाल, नई प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों के आयोजन सहित प्रचार-प्रसार की नई विधाओं के जरिये हिंदी की बेहतरी सुनिश्चित किए जाने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
बैठक में पिछली बैठक के सारवृत्त के कार्यवाही विवरण पर चर्चा की गई तथा सदस्य कार्यालयों से आए हुए प्रतिनिधियों से राजभाषा क्रियान्वयन के क्षेत्र में बेहतरी के सुझाव मांगे गए। कई सुझावों पर सहमति बनी और उसे तय समयसीमा में किए जाने का संकल्प भी लिया गया।
एनसीएल के महाप्रबंधक (कार्मिक/राजभाषा प्रमुख) व नराकास सिंगरौली के सदस्य सचिव श्री टी. बी. राजू ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत संबोधन किया तथा अमलोरी के क्षेत्रीय महाप्रबंधक श्री एस.के. गोमास्ता ने कार्यक्रम हेतु समय देने के लिए अतिथियों का आभार जताया।
कार्यक्रम में एनटीसीपी विन्ध्याचल के समूह महाप्रबंधक श्री आर. पद्म कुमार, एनसीएल के क्षेत्रीय महाप्रबंधकगण, स्टाफ अधिकारी (कार्मिक), राजभाषा अधिकारी, सदस्य कार्यालयों के प्रमुख या उनके नामित प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सम्पन्न कराए जाने में एनसीएल मुख्यालय राजभाषा विभाग एवं टीम अमलोरी की भूमिका अहम रही।
गौरतलब है कि भारत सरकार गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा गठित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), सिंगरौली में सिंगरौली जिले में स्थित एनसीएल, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, बीईएमएल, एसबीआई, पोस्ट ऑफिस, सीआईएसएफ, बीएसएनएल सहित केंद्र सरकार के 23 संस्थान शामिल हैं। एनसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रंबध निदेशक श्री प्रभात कुमार सिन्हा इसके अध्यक्ष हैं।
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