गणतंत्र दिवस परेड में राहुल गांधी के बैठने की जगह को लेकर राजनीति गरमाई


 

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नई दिल्ली: देश में चारों तरफ गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों पर है. दिल्ली के राजपथ पर 26 जनवरी 69वां गणतंत्र दिवस राजपथ में परेड की सारी तैयारियां पूरी हो गई है, मगर परेड में राहुल गांधी के बैठने को लेकर राजनीति गरमा गई है. राहुल गांधी को गणतंत्र दिवस परेड में पहली पंक्ति में बैठने की जगह नहीं दी गई है. इससे कांग्रेस पार्टी नाराज है. हालांकि, राहुल गांधी ने ये साफ कर दिया है कि वह इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे.

गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में राहुल गांधी को चौथी पंक्ति में जगह दी गई है, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर इससे पहले सोनिया गांधी को पहली पंक्ति में जगह मिलती थी. हालांकि, राहुल गांधी का कहना है कि गणतंत्र दिवस परेड अहम है, उन्हें कहां बैठाया जाता है ये नहीं. मगर कांग्रेस इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है.

कांग्रेस का कहना है कि ये सरकार की ओछी राजनीति का नमूना है. बता दें कि हाल ही में गुजरात चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद संभाला है. हालांकि, कांग्रेस के विरोध पर भाजपा की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

गृह मंत्रालय के अनुसार विपक्ष के नेता लिए सातवें पंक्ति में बैठने की व्यवस्था है. वहीं, सांसदों के लिए 21वीं पंक्ति निर्धारित की गई है. राहुल गांधी मुख्य विपक्षी पार्टी के अध्यक्ष होने के बावजूद चौथी पंक्ति में बैठने की जगह दी गई है. हालांकि, गृह मंत्रालय के वारंट ऑफ प्रीसीडेंस में मुख्य विपक्षी पार्टी के लिए कोई जगह नहीं है. हालांकि, यह भी एक अपवाह है कि पहली बार जब गणतंत्र दिवस मनाया गया था, तो प्रधानंत्री जवाहरलाल नेहरू ने खान अब्दुल गफ्फार खान को सबसे आगे की पंक्ति में बैठाया था.

गृह मंत्रालय के मुताबिक, विपक्ष के नेता के लिए लोकसभा में कम से कम 10 फीसदी सांसदों की जरूरत होती है यानी कि 54. कांग्रेस के पास अभी मात्र 44 सांसद ही हैं. इसलिए कांग्रेस को विपक्ष का दर्जा नहीं दिया गया है. लोकसभा में मल्लिकार्जुन खड़को को ‘सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता’ का दर्जा दिया गया है न कि विपक्षी दल के नेता का. मगर राहुल गांधी का इन सबसे कोई वास्ता नहीं है. वो एक सांसद हैं. हालांकि, कांग्रेस अध्यक्ष होने के नाते पार्टी उनके लिए आगे की सीट चाहती है.

मगर अब सवाल उठता है कि अमित शाह किस हैसियत से पहली पंक्ति में बैठते हैं जबकि वे भी बीजेपी के अध्यक्ष ही हैं. हालांकि, यूपीए सरकार के दौरान भी सोनिया गांधी को पहली पंक्ति में बैठाया गया था. 


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