एलडीए की खुली पोल: निर्माणाधीन अवैध इमारत ढही, दो घायल,आवासीय नक्शे पर हो रहा था कामर्शियल का निर्माण ,ध्वस्तीकरण के भी थे आदेश


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लखनऊ।  एलडीए वीसी पी.एन.सिंह और उनके खास अधिकारी अवैध निर्माणों की रोकथाम के लिए कितने सजग व गंभीर है इसका खुलासा आज गोमती नगर के विरामखंड 5/21 स्थिति निमार्णाधीन अवैध बिल्डिंग के अचानक ढह जाने से से हुआ । आवासीय नक्शे पर यहां कामर्शियल का निर्माण हो रहा था , एलडीए ने इसे सील कर दिया था, जिसके ध्वस्तीकरण के आदेश भी थे और बिल्डिंग पुलिस अभिरक्षा मे थी ।
एलडीए सचिव एम पी सिंह ने भी बताया कि बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण के आदेश थे ।

अवैध निर्माणों को लेकर एलडीए अपनी कार्रवाई करता रहता है पर इस हादसे ने उसकी कलाई पूरी तरह से खोल दी है । गोमतीनगर के प्रर्वतन व नक्शे का पूरा काम अधिशासी अभियंता भूपेंद्रवीर सिंह को वीसी पी.एन.सिंह ने सौप रखा है । भूपेंद्र , वीसी के काफी करीबी माने जाते हैं । यह अभियंता कुछ ही माह पूर्व एलडीए आये है उसके बाद ही वीसी ने जब प्रर्वतन व नक्शे की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनको सौंपी तभी सवाल उठने लगे थे ।

गोमतीनगर के विराम खंड 5/21 स्थित निर्माणाधीन अवैध इमारत गुरुवार को अचानक ढह गई। इसमें दो लोग घायल हो गए। गनीमत रही कि बिल्डिंग में उस वक्त अन्य लोग मौजूद नहीं थे, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। जब बिल्डिंग ढही, उस वक्त निर्माण कार्य चल रहा था। इस हादसे के कारण पड़ोस में स्थित एक डॉक्टर के मकान में आग लग गई। इससे डॉक्टर की मां और बेटी मकान में फंस गईं, जिन्हें पुलिस ने बाहर निकाला। खुद को भाजपा नेता बताने वाले मूलरूप से संतकबीर नगर निवासी अशोक कुमार पांडेय ने अपने बेटे हर्षित के नाम से यह प्लॉट आवंटित कराया था। दो मंजिल की अवैध इमारत में काफी समय से निर्माण कार्य चल रहा था। गुरुवार को भी कुछ मजदूर वहां काम कर रहे थे। दोपहर करीब ढाई बजे अचानक इमारत ढह गई। मजदूरों ने भगाकर जान बचाई। भूतल पर स्थित बैट्री की दुकान के कर्मचारी चिनहट निवासी रिजवान इमारत के बाहर खड़े थे, जो मलबे की चपेट में आ गए। दुकान में मौजूद गरिमा ने भागकर जान बचाई। रिजवान के सिर में चोट आई है। इमारत के बाहर सब्जी का ठेला लगाने वाला बब्लू भी घायल हो गया।

 

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बिल्डिंग गिरने पर तेज आवाज हुई और आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने मलबे में मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई है। हालांकि, कोई अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम को मलबा हटाने के लिए लगाया है। देर रात तक पुलिस और एलडीए की टीमें इमारत गिराने की कोशिश में लगी रहीं।

एलडीए सचिव एमपी सिंह ने बताया कि बिल्डिंग का ध्वस्तीकरण आदेश हो चुका है। पिछले दिनों इमारत पुलिस कस्टडी में दी गयी थी। अब इमारत को पूरी तरह से गिराया जाएगा। जिसके लिए जेसीबी और डंपर मगाएँ गए हैं। बिल्डिंग के गिरने के कारण वहां की बिजली आपूर्ति भी घंटों से बाधित है।


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