दिल्‍ली में शक्ति परीक्षण आज, ‘आप’ को भितरघात का डर


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार का बृहस्पतिवार को विधानसभा में शक्ति परीक्षण होगा। सदन के बाद अक्सर समर्थन न मांगने की बात करने वाले अरविंद केजरीवाल सदन के अंदर भाषण में समर्थन मांगेंगे या नहीं यह तो भाषण में ही साफ होगा।
लेकिन कांग्रेस के विधायक अरविंदर सिंह लवली और चौधरी मतीन अहमद ने साफ किया है कि कांग्रेस समर्थन के मुद्दे पर कायम है।
अरविंद केजरीवाल कई बार आशंका जता चुके हैं कि कांग्रेस जोड़तोड़ करके सरकार गिरवा सकती है। बुधवार को ‘आप’ के नेता संजय सिंह ने भी आशंका जाहिर की। उनका कहना है कि कहीं भितरघात न हो जाए।
वहीं कांग्रेस विधायक लवली ने कहा, ‘हम तो समर्थन देंगे। अगर आम आदमी पार्टी के विधायक ही इधर-उधर हो जाएं तो उसका कुछ नहीं कर सकते।’ इसी तरह की बात कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी शकील अहमद ने भी कही। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को अपने विधायकों का ध्यान रखना होगा।
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, मुख्यमंत्री के भाषण के बाद विपक्ष के विधायक अपनी बात सदन में रखेंगे। चर्चा के बाद विश्वास मत हासिल करने के लिए मतदान होगा।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने के लिए पहली बार वोटिंग कराई जाएगी। विश्वास मत प्रोटेम स्पीकर की तरफ से कराए जाने का भी अपनी किस्म का पहला मामला है। अभी तक किसी विधानसभा में ऐसा नहीं हुआ है।


Scroll To Top
Translate »