
लखनऊ: यूपी में बीजेपी को शिकस्त देने के लिए सोमवार को मुलायम अखिलेश में 45 मिनट तक मीटिंग के बाद सीएम अखिलेश और कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ 3 घंटे तक मीटिंग हुई है।इस मीटिंग से यह कयास लागाए जा रहे हैं कि कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन हो सकता है। इसके साथ ही इस मीटिंग के बाद यह भी तय हुआ है कि अगली मीटिंग में सपा और कांग्रेस के बड़े नेता भी शामिल होंगे।
सीएम अखिलेश सोमवार सुबह खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के आवास पर गए थे। प्रजापति के पिता का निधन हो गया है। सीएम इसी को लेकर उनसे मिलने गए थे। उन्होंने वहां संवाददाताओं से कहा कि महागठबंधन पर अंतिम फैसला पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव लेंगे लेकिन यदि सपा और कांग्रेस गठबंधन करना चाहते हैं तो उसे कौन रोक लेगा।अखिलेश ने कहा कि किसी भी गठबंधन में पहले ये देखना होगा कि कितना नफा नुकसान होगा । वो महागठबंधन पर अपनी बात पार्टी के मंच पर ही रखेंगे। हालांकि इस मामले में पार्टी अध्यक्ष से उनकी बात हुई है।
5 नवंबर को सपा के रजत जयंती समारोह में अलग अलग गुट में बंटे पुराने समाजवादी एक मंच पर आए थे लेकिन कांग्रेस को इसमें न्यौता नहीं दिया गया था। समारोह में आए जनतादल यू,जनतादल एस,राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रीय लोकदल और इंडियन नेशनल लोकदल के नेताओं ने एक सुर से होने वाले चुनाव में महागठबंधन की वकालत की थी और कहा था कि सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ऐसा कर पाने में सक्षम हैं।
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