राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा आरोप, कहा कि सहारा ने करोड़ो दिए


 

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नई दिल्ली । कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात के मेहसना में रैली को संबोधित की। राहुल ने मोदी सरकार को लेकर कहा है कि अगर वह भ्रष्टाचार उन्मूलन को लेकर कोई बड़ा या छोटा कदम उठाती तो कांग्रेस उसका साथ देती।

इतना ही नहीं राहुल ने मोदी सरकार पर नोटबंदी को लेकर फिर से निशाना साधा और कहा कि नोटबंदी का कदम भ्रष्टाचार और कालाधन खत्म करने के लिए नहीं था यह तो इमानदार गरीब लोगों को परेशान करने के लिए है। साथ ही राहुल ने आरोप लगाते हुए कहा कि एमपी, झारखण्ड, छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार ने आदिवासियों की जमीनें छिनने का काम किया है।और कोई भी व्यक्ति अपने हक के लिए खड़ा हो जाए तो उसको गोली से गिरा मारते है। साथ ही यह बड़ा आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा है कि आप गुजरात में दलितों को मारते हो, डर के रहते है वो यहां।

इतना ही नहीं राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सहारा ने मोदी जी को करोड़ो दिए है। एक और कंपनी ने मोदी जी को पैसा दिया मोदी जी बताएं ये सच है या नहीं? आयकर विभाग के पास मोदी जी के सारे रिकॉर्ड है मिले पैसों का हिसाब आईटी के पास भी है। ढ़ाई साल में कोई कार्यवाई क्यों नहीं की गई।  सहारा के लोगों ने अपनी डायरी में लिखा था कि 6 महीनें में 9 बार पैसा दिया है। आईटी ने 22 नवंबर 2014 को सहारा कंपनी पर रेड की थी।

रिकॉर्ड के मुताबिक 2.5 करोड पीएम को 30 अक्टूबर को दिए थे, 5 करोड़ 12 नवंबर को दिए, 27 नवंबर को 2.5 करोड़, 29 नवंबर 2013 को 5 करोड़
5 करोड़ 6 दिसंबर, 19 दिसंबर को 5 करोड़, 2014 के 13 जनवरी को 5 करोड़, 28 जनवरी को 5 करोड़, 22 फरवरी को 5 करोड़ दिए गए।

कालेधन को लेकर उनका कहना है कि सारा कैश कालाधन नहीं होता और सारा कालाधन कैश में नहीं है। इसके साथ ही राहुल ने पाटिलदारों के आंदोलन का मुद्दा उठाया और कहा कि पाटिलदारों ने शांति से अपना आंदोलन किया न ही उन्होंने कोई हिंसा की और फिर भी आपने उनकी महिलाओं और बच्चों को मारा है। पीएम मोदी पर तंज कसते हुए राहुल ने कहा कि जब स्विटजरलैंड सरकार ने मोदी जी को सब नाम भेज रखे है उन चोरों के नाम आपने संसद में रखा क्यों नही, आप उन्हें क्यों बचा रहे हो? नरेंद्र मोदी जी आपने ये सर्जिकल स्ट्राइक नहीं किया आपने हिंदुस्तान के गरीब लोगों पर फायर बॉम्बिंग की है।

किसान बीज तक नहीं खरीद पा रहे है। अगर कोई किसान या मीडिल क्लास आदमी लोन लेकर उसे चुका नहीं पाता तो उस पर कार्यवाई की जाती है। लेकिन जब एक अमीर इस काम को करता है तो वह चोर नहीं किया जाता है डिफॉल्टर कहते है।
नोटबंदी के कारण गुजरात में भी काम थम गया है। निर्माण, इंडस्ट्रीज सब रुक गया है।

 


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